मेरठ में गूंजेगी गुर्जर समाज की हुंकार: 10 मई के महासम्मेलन के लिए रामपुर तिराहा पर बनी रणनीति

मेरठ में गूंजेगी गुर्जर समाज की हुंकार: 10 मई के महासम्मेलन के लिए रामपुर तिराहा पर बनी रणनीति

मुजफ्फरनगर :  पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी 10 मई को मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले ‘गुर्जर जनजागृति सम्मेलन’ को सफल बनाने के लिए मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित गुर्जर हॉस्टल में समाज के दिग्गजों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। गुर्जर सद्भावना सभा के बैनर तले आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जनपद के सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया और हुंकार भरी कि इस बार मेरठ की धरती से समाज के हक और सम्मान की नई इबारत लिखी जाएगी।
​प्रमुख मांगें: भारत रत्न और गुर्जर रेजिमेंट
​बैठक में वक्ताओं ने समाज की ऐतिहासिक उपेक्षा पर कड़ा रोष व्यक्त किया। मुख्य सहसंयोजक श्री वीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि 1857 की क्रांति के महानायक अमर शहीद कोतवाल धनसिंह गुर्जर को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा, “हम सरकार पर दबाव बनाएंगे कि धनसिंह कोतवाल जी को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से नवाजा जाए।”
​वहीं, मुख्य संयोजक भोपाल सिंह गुर्जर ने समाज के शौर्य को रेखांकित करते हुए भारतीय सेना में ‘गुर्जर रेजिमेंट’ की बहाली की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्र रक्षा में गुर्जरों का इतिहास बलिदानों से भरा है, जिसे अब संवैधानिक पहचान मिलनी चाहिए।
​राजनीतिक हिस्सेदारी पर जोर
​वरिष्ठ भाजपा नेता अभिषेक चौधरी और संयोजक ललित गुर्जर ने समाज की राजनीतिक दशा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति सत्ता में उसकी भागीदारी से तय होती है। 10 मई का यह सम्मेलन केवल एक जमावड़ा नहीं, बल्कि सत्ता के गलियारों तक अपनी आवाज पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षित बनें और अपने गौरवशाली इतिहास को पहचानें।
​हजारों की संख्या में मेरठ कूच करने की तैयारी
​बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य रामपाल सिंह और संचालन कर रहे जिलाध्यक्ष ओ पी चौहान ने बताया कि मुजफ्फरनगर से हजारों की संख्या में लोग मेरठ पहुंचेंगे। बैठक में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती रमा नागर, डॉ. कलम सिंह, और पवन चौहान सहित दर्जनों प्रधानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
​इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि गुर्जर समाज अब अपनी अस्मिता, इतिहास के संरक्षण और राजनीतिक अधिकारों को लेकर किसी भी स्तर पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। मेरठ का आगामी सम्मेलन क्षेत्र की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने में ‘मील का पत्थर’ साबित हो सकता है।
बैठक में मुख्य रूप से सुमित प्रधान घाट संयोजक, सचिन चपराना पठानपुरा संयोजक,
भाजपा वरिष्ठ युवा नेता अभिषेक चौधरी गुर्जर, गुर्जर सद्भावना सभा के मंडल अध्यक्ष वेदपाल गुर्जर, जय किसान आंदोलन के जिलाध्यक्ष पवन चौहान , गुर्जर सद्भावना सभा के जिला महासचिव अंकुर भाटी, पूर्व प्राचार्य डॉ. कलम सिंह , पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती रमा नागर , डॉ. सतीश, बालेंद्र चौहान, देशराज चौहान जिलाध्यक्ष बजरंग दल, नरेंद्र पंवार, हिंदूवादी संगठन के प्रसिद्ध नेता, पुष्पेंद्र कुमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वराज इंडिया, सत्यपाल सिंह चौहान, सुरेश अंतवाडा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मंगल सिंह, पूर्व सर्किल ऑफिसर बले सिंह, संत कन्हैया गिरी  महाराज, सचिन प्रधान, अशोक प्रधान, अशोक पूर्व चेयरमैन, ऋतु काटका, राजवीर सिंह ठेकेदार, कुलदीप सिंह बरुकी, अनंगपाल प्रधान जी, प्रवीण कुमार, बृजपाल सिंह शेरनगर, प्रदीप ताजपुर, मनोज चौधरी, प्रधान जितेंद्र मावी, सतीश मावी, अमित मावी, डॉ विक्रम, मास्टर इच्छाराम , अंजेश , प्रधान अमरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष बीजेपी मुजफ्फरनगर, अनिल प्रधान छपरा, पंकज प्रधान कासमपुर खोला, सिताब सिंह चपराना मंतोडी, प्रधान पप्पू अवाना, वीरेंद्र अवाना भटोडॉ, एडवोकेट आदेश मौतला, कर्णवीर, पंकज प्रधान कासमपुर खोला, विजय सिंह रुमालपुरी, आनन्द पोशवाल , ऋतुपर्ण आर्य पूर्व प्रधान, आदि सहित भारी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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