कांवड़ यात्रा 2026 में खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रभावी भूमिका, 24 घंटे निगरानी से खाद्य व्यवस्था रही मजबूत
सहायक आयुक्त खाद्य II श्रीमती अर्चना धीरान टीम के साथ रहीम मौजद

मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा 2026 को सकुशल एवं निर्विघ्न संपन्न कराने में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, मुजफ्फरनगर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं मिलावट रहित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभागीय टीमों ने पूरी यात्रा के दौरान लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की।
सहायक आयुक्त खाद्य-II श्रीमती अर्चना धीरान ने बताया कि श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होती है। लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी थी।
आयुक्त के आदेश एवं जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य-II तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री अक्षय प्रधान के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा के दौरान छह खाद्य सुरक्षा टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने 24 घंटे ड्यूटी करते हुए कांवड़ मार्ग, शिविरों, होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण किया।
विभागीय टीमों ने कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी। खाद्य पदार्थों में मिलावट, बासी अथवा दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री तथा खाद्य स्वच्छता से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम में संदीप चौधरी, सुनील कुमार, विशाल चौधरी, वैभव शर्मा, अश्विनी कुमार, श्रीमती पूनम कुमारी तथा श्रीमती नेहा चौधरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों और निर्धारित कांवड़ मार्गों पर लगातार भ्रमण एवं निरीक्षण किया।
विभाग के अनुसार पूर्व वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान प्याज-लहसुन के प्रयोग, नॉनवेज दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के संचालन, नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री तथा बासी या दूषित खाद्य पदार्थों से संबंधित शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ अवसरों पर खाद्य पदार्थों के सेवन से कांवड़ यात्रियों के बीमार पड़ने की घटनाएं भी सामने आई थीं।
हालांकि, कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई बड़ी अप्रिय घटना संज्ञान में नहीं आई। विभाग ने इसे लगातार निगरानी, प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई, त्वरित कार्रवाई और टीम के समर्पित प्रयासों का परिणाम बताया।
सहायक आयुक्त खाद्य-II श्रीमती अर्चना धीरान ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विभाग का प्रमुख उद्देश्य जनपद में आने वाले प्रत्येक कांवड़ यात्री एवं श्रद्धालु को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि विभागीय टीम ने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
उन्होंने कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में योगदान देने वाले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। साथ ही संबंधित विभागों, शिविर संचालकों और खाद्य कारोबारियों का भी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
विभाग की सतत निगरानी और 24 घंटे की ड्यूटी के चलते कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।