बाल श्रम के विरुद्ध श्रम विभाग का अभियान, 15 किशोर श्रमिक कराए गए मुक्त

मुजफ्फरनगर : जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के आदेशानुसार तथा सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के निर्देशन में जनपद मुजफ्फरनगर में बाल श्रम मुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर बाल एवं किशोर श्रमिकों को श्रम से मुक्त कराया गया और सेवायोजकों को बाल श्रम न कराने के लिए जागरूक किया गया।
अभियान के लिए गठित संयुक्त टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह एवं शालू राणा, थाना मानव तस्करी विरोधी इकाई प्रभारी सत्येंद्र नागर, उपनिरीक्षक जगत सिंह, खुशवीर सिंह तथा सहयोगी संस्था जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन/ग्रामीण समाज विकास केंद्र से राहुल सिंह, गौरव मलिक सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
टीम ने जनपद के आर्य समाज रोड, मीनाक्षी चौक, खालापार, शामली बस स्टैंड, बुढ़ाना मोड़, बकरा मार्केट तथा हाईवे बाईपास क्षेत्र में स्थित होटल, ढाबों, गैरेज एवं अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान 15 किशोर श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 12 सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई। टीम द्वारा प्रतिष्ठान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए भविष्य में नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह ने बताया कि शासनादेश के अनुसार 31 अगस्त तक बाल श्रम के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कराने वाले सेवायोजकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने कहा, “बालक का सर्वप्रथम अधिकार शिक्षा पर है। सभी सेवायोजकों एवं सम्मानित नागरिकों से आग्रह है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रतिष्ठान पर काम न कराएं और उन्हें शिक्षित बनाएं।”
अभियान के दौरान आमजन को बाल श्रम के खिलाफ जागरूक करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो संबंधित हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें, ताकि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन का अधिकार मिल सके।