केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की जनसभा में पूर्व सांसद मलूक नागर के बयान के विरोध में उतरे सपाई
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दलों में जुबानी जंग शुरू हो गई है जहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के द्वारा दिए गए चवन्नी से अठन्नी और रुपया बनाने वाले बयान को लेकर सियासी संग्राम लगातार बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं के बीच बयानबाजी के बाद अब विरोध-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है।
कुछ दिन पहले सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व सांसद मलूक नागर ने सहारनपुर के रामपुर मनिहारन में आयोजित रालोद की स्वाभिमान सभा में उन्हें कथित तौर पर सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को “मंदबुद्धि का प्रदेश अध्यक्ष” कह दिया था। इस बयान के बाद पाल समाज में नाराजगी सामने आ रही है।
शुक्रवार को शहर के अहिल्याबाई चौक पर सपा शिक्षक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र पाल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मलूक नागर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके चित्र पर जूते-चप्पल बरसाए और पोस्टर जलाकर विरोध जताया। इस दौरान श्यामलाल पाल के समर्थन में भी नारे लगाए गए।
डॉ. सत्येंद्र पाल ने कहा कि मलूक नागर का बयान बेहद निंदनीय है और उन्हें इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि श्यामलाल पाल के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, जबकि उनका आशय था कि समाजवादी पार्टी ने सभी वर्गों को आगे बढ़ाने का काम किया है।
मलूक नागर के बयान को लेकर सपा के अन्य नेताओं में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए बयान की निंदा की है। वरिष्ठ नेता राजपाल सैनी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि मलूक नागर को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था।
फिलहाल चवन्नी-अठन्नी वाले बयान से शुरू हुई यह सियासी जुबानी जंग अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पहुंच गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और गरमाने के आसार हैं।