महिला शक्ति वंदन बिल सदन में गिरने के बाद गुस्से में दिखाई दी महिलाएं , मांग 50% आरक्षण
हजारों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर किया जोरदार प्रदर्शन
यूपी सरकार के मंत्री को प्रधानमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

मुज़फ़्फ़रनगर की सड़कों पर आज ‘नारी शक्ति’ का ऐसा सैलाब उमड़ा कि सत्ता के गलियारों तक इसकी गूँज सुनाई दी। शिव चौक से लेकर प्रकाश चौक तक आज सिर्फ महिलाएं ही महिलाएं नज़र आईं। महिला आरक्षण बिल पास न होने पर विशाल शक्ति प्रदर्शन किया गया। हिंद मज़दूर-किसान समिति के बैनर तले जुटी हज़ारों महिलाओं ने पैदल मार्च निकालकर सरकार को साफ़ संदेश दे दिया कि अब देश की आधी आबादी अपने हक के लिए जाग चुकी है।
इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ केवल 33 प्रतिशत आरक्षण की ही बात नहीं हुई, बल्कि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने दो टूक शब्दों में मांग उठाई है कि जब आबादी आधी है, तो हिस्सेदारी भी 50 प्रतिशत होनी चाहिए। हाथों में पोस्टर, बैनर और सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि अपने हक के समर्थन में नारे लगाती ये महिलाएं प्रकाश चौक पहुंचीं, जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
हिंद मज़दूर-किसान समिति की पदाधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब प्रतीकात्मक नहीं बल्कि निर्णायक होना चाहिए। उन्होंने साफ़ किया कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, ज्ञापन लेने पहुंचे मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने भी महिलाओं के इस जज्बे को सलाम किया और भरोसा दिलाया कि उनकी यह मांग राष्ट्रपति तक ज़रूर पहुँचाई जाएगी। अब देखना यह होगा कि 33 प्रतिशत से शुरू हुई यह मांग 50 प्रतिशत के मुकाम तक कब पहुँचती है।
महिलाओं का यह भी आरोप है कि पुरुष हमेशा जब भी किसी के साथ झगड़ा करता है तो वह कहता है कि मैं चूड़ियां नहीं पहनी है जबकि चूड़ियां कायरता का प्रमाण नहीं है। बल्कि चूड़ियां महिलाओं का रहना है अगर आज के बाद किसी व्यक्ति ने चूड़ी को लेकर किसी का मजाक उड़ाया तो उसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने सत्ता और विपक्ष दोनों को चेताया कि यदि महिला बल को लेकर कोई लापरवाही हुई तो आने वाले चुनाव में वह अपने अधिकारों का ऐसा प्रयोग करेंगे कि जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देंगे।