शाहपुर पुलिस की मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, बैंक चोरी की कोशिश और 9 कुंतल बिजली तार चोरी का खुलासा, 6 गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर के थाना शाहपुर पुलिस ने पुलिस मुठभेड़ के बाद छह अंतरजनपदीय शातिर चोरों को गिरफ्तार कर बैंक में चोरी के प्रयास और विद्युत तार चोरी की दो बड़ी वारदातों का सफल खुलासा किया है। मुठभेड़ के दौरान दो बदमाश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गए, जबकि चार अन्य को कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया करीब नौ कुंतल 33 केवी विद्युत तार, एक छोटा हाथी वाहन, दो तमंचे, कारतूस और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को ग्राम हरसौली स्थित एक बैंक शाखा में अज्ञात बदमाशों ने पीछे की दीवार में सेंध लगाकर कैश सेफ तोड़ने का प्रयास किया था। इस मामले में थाना शाहपुर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा 24 जुलाई 2026 को केवी पुरा-काकड़ा लाइन से बिजली का तार चोरी होने की घटना भी दर्ज की गई थी। दोनों घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें गठित की गई थीं।
बुधवार और गुरुवार की मध्य रात्रि पुलिस टीम दिनकरपुर-काकड़ा मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध छोटा हाथी वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन लेकर भाग निकला। पीछा करने पर वाहन कुछ दूरी पर रुक गया और उसमें सवार छह बदमाश पुलिस पर फायरिंग करते हुए गन्ने के खेत में घुस गए। पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ में अरविंद निवासी बिराल, थाना बुढ़ाना और पारुल निवासी हरसौली, थाना शाहपुर गोली लगने से घायल हो गए। वहीं मोहित, मनीष, रईस और ताज मलिक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया करीब नौ कुंतल विद्युत तार, एक छोटा हाथी वाहन (DL-01-LAM-0456), दो अवैध तमंचे, दो जिंदा और दो खोखा कारतूस के अलावा चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार गिरोह के कई सदस्य बिजली तार चोरी, चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित दर्जनों मुकदमों में पहले से वांछित और आरोपी रहे हैं। मुख्य आरोपी अरविंद के खिलाफ मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और शामली समेत विभिन्न जनपदों में 55 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।