छोटे से गांव से निकाल कर कड़ी मेहनत से रितु इंसा ने बनाई अपनी अलग पहचान
आठ राज्यों में 46 ब्रांच खोलकर लाखों महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्रोत
साढ़े 3 लाख से भी अधिक छात्राओं और महिलाओं को फैशन डिजाइनिंग में बनाया आत्मनिर्भर
मुजफ्फरनगर ब्रांच में 400 से अधिक छात्राओं के सपनों को मिली नई उड़ान, TRIBS ने किया भव्य प्रमाणपत्र वितरण समारोह

मुजफ्फरनगर : 23 अगस्त 2026 को शहर में सर्कुलर रोड रविवार का दिन 400 से अधिक महत्वाकांक्षी छात्रों के लिए बेहद खास रहा। TRIBS द्वारा आयोजित भव्य प्रमाणपत्र वितरण समारोह में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान छात्रों के चेहरे पर उपलब्धि की खुशी और भविष्य को लेकर उत्साह साफ नजर आया।
कार्यक्रम में उन छात्रों को व्यावसायिक प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जिन्होंने अपने प्रशिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत, समर्पण और धैर्य का परिचय देते हुए अपने पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा किया। TRIBS की संस्थापक रितु इन्सान ने छात्रों को व्यक्तिगत रूप से प्रमाणपत्र प्रदान कर उनकी मेहनत को सम्मानित किया।

समारोह के दौरान माहौल उत्साह और भावनाओं से भर गया। प्रमाणपत्र हाथ में आते ही छात्रों के चेहरों पर वर्षों से देखे जा रहे करियर के सपनों को पूरा करने की खुशी दिखाई दी। छात्रों ने इस उपलब्धि को अपने भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
TRIBS की संस्थापक रितु इन्सान ने समारोह को संबोधित करते हुए पूरे बैच की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद देते हुए उनके सफल करियर, आत्मनिर्भर भविष्य और उज्ज्वल जीवन की कामना की।

TRIBS का यह आयोजन छात्रों के लिए केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर नहीं रहा, बल्कि उनकी मेहनत और सपनों को पहचान मिलने का यादगार अवसर भी बना। 400 से अधिक छात्रों की उपलब्धि ने समारोह को खास बना दिया।
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए केंद्र की इंचार्ज रितु इंशा ने कहा कि कोई उन्हें चैलेंज नहीं कर सकता की कोई मेरे मुंह पर आकर बोले कि कहां सिखाया कोई यहां आए तो मैं उसे फैशन डिजाइनर बनकर ही भेजूंगी शायद इसलिए मुझे इतना प्यार मिल रहा है जो मैं कहती हूं वह करती हूं। यहां कोई भी ऐसी ड्रेस नहीं है जो 3 महीने का सीखा हुआ स्टूडेंट उसे नहीं बन सकता फ्यूचर में तो डिजाइन बदलता रहता है मैं मैटर सिखाती हूं और मटर के अकॉर्डिंग कैसा भी डिजाइन हो मुजफ्फरनगर में उनका बैच अक्टूबर से स्टार्ट हुआ था और उनके आठ बैच जा चुके हैं अभी तक पूरे देश में साढ़े 3 लाँख स्टूडेंट्स को फैशन डिजाइनिंग वह सीख चुकी है अगर कोई घर से बाहर नहीं निकल सकता उसे मैं ऑनलाइन भी सिखाती हूं लेकिन मैंने शहरों में भी ब्रांच ओपन शुरू कर दी है ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों को मिलेगा साढे तीन लाख स्टूडेंट्स को सीख चुकी है 3 महीने सीखते ही स्टूडेंट्स लाखों रुपए कमाना शुरू कर देते हैं अभी तक उन्होंने 46 ब्रांच खोल रखी है । मैंने एक छोटे से गांव से शुरू किया था और आज भिवानी में मेरा हेड ऑफिस है उसके बाद धीरे-धीरे मैं आठ राज्यों में ब्रांच ओपन कर दिया 46 ब्रांच है