प्रदूषण को लेकर मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक का बड़ा बयान, गांव चांदपुर के ग्रामीण मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में बैठे हैं धरने पर

प्रदूषण को लेकर मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक का बड़ा बयान, गांव चांदपुर के ग्रामीण मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में बैठे हैं धरने पर

 

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में था पिछले 17 दिनों से एक निर्माण दिन फैक्ट्री के बाहर धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच पहुंचे सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रदूषण को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर में बड़े पैमाने पर प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर फैक्ट्रीयों से प्रदूषण धुंआ और पानी निकल रहा है। उन्होंने कहा कि यहां पहले ही फैक्ट्रियां प्रदूषण फैल रही है और जो निर्माण दिन मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जा रहा है इससे तो क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा नस्ले बर्बाद हो जाएंगे और फैसले बर्बाद हो जाएंगे इस दौरान मौके पर पहुंचे प्रदूषण विभाग के एक अधिकारियों को भी सांसद हरेंद्र मलिक ने आड़े हाथों लेते हुए सवाल जवाब किया तो अधिकारी जवाब नहीं दे पाए उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मिली भगत से ही प्रदूषण को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे क्षेत्र को भारी नुकसान है कैंसर जैसी घातक बीमारी क्षेत्र के कई गांव में पनपी हुई है। बातों ही बातों में उन्होंने उद्योगपतियों को चोर चोर मुसेर भाई की संज्ञा दे दी ।

सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि वह ग्रामीणों के साथ है उन्होंने चुनाव में वादा किया था कि वह ग्रामीणों के हर दुख और सुख में उनके साथ रहेंगे उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वह इस आंदोलन को राजनीतिक आंदोलन न बनने दे समाजवादी पार्टी उनके साथ है मुजफ्फरनगर में दो मंत्री है जो अनिल कुमार कैबिनेट मंत्री है और कपिल देव अग्रवाल उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री है उन्हें भी अपनी समस्या से अवगत कराना चाहिए सांसद नरेंद्र मलिक ने कहा कि मैं दलगत राजनीति से उठकर उन मंत्रियों के घर भी आपके साथ जाने को तैयार हूं आपकी समस्या का समाधान हो और आपको कोई नुकसान ना हो उसके लिए मैं ग्रामीणों के साथ हूं और साथ रहूंगा इसके लिए उत्तर प्रदेश कि सदन में समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक और लोकसभा में वह खुद इस समस्या को पहले भी उठा चुके हैं और अब भी उठाने को तैयार हैं मुजफ्फरनगर जिला भीषण प्रदूषण से जूझ रहा है और अधिकारी अपनी जेब भर रहे हैं कहीं कोई किसी की सुनवाई नहीं हो रही है।

वही ग्रामीणों ने कहा कि पहले यहां आइस फैक्ट्री का बोर्ड लगाया गया था मगर जब उन्हें पता चला कि यह मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट है तो उन्होंने इसका विरोध किया मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे । इसके बाद फैक्ट्री के मालिक ने मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का बोर्ड लगा दिया जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं उन्होंने कहा कि वह किसी भी सूरत में इस फैक्ट्री को चलने नहीं देंगे चाहे उन्हें कुछ भी करना हो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *