सांसद इकरा हसन ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफा को लेकर दिया बड़ा बयान

सांसद इकरा हसन ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफा को लेकर दिया बड़ा बयान

शनिवार को मुजफ्फरनगर पहुंची जनपद शामली की कैराना लोकसभा सीट से सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर आज का कार्यक्रम था संविधान मान स्तंभ दिवस पर सभी लोगों को जो अधिकार मिले हैं वह हमारे लिए सुरक्षा कवच है आज सरकार ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि और रोज कोई ना कोई ऐसा कानून पेश किया जाता है जिससे वह संविधान के मूल भाव को कमजोर करने का काम करते हैं कि अपने सुरक्षा कवच की रक्षा भी हमें खुद ही करनी पड़ रही है हमारे यहां उत्तर प्रदेश में गरीब व्यक्ति को अपने बच्चों तक को पढ़ाने तक का अधिकार सरकार छीन रही है। तमाम ऐसे विषय है वह जरूरी है कि हम संविधान के महत्व को समझे और संवैधानिक मूल्य को अपने जीवन में उतरे

सांसद इकरा हसन ने एडीएम सहारनपुर द्वारा उनके साथ किये गए दुर्व्यवहार को लेकर कहा कि यह भी एक तरीके से लोकतंत्र पर हमला है क्योंकि हमारे यहां तीन ढांचे बनाए गए हैं सरकार के जिसमें एक ज्यूडिशरी आता है एक लेजिसलेटिव और एग्जीक्यूटर और सब जब अपना ईमानदारी से काम करेंगे तब जनता की हम सही रूप में सेव कर पाएगा आज के जो हालात है अफसर शाही हावी है। इन लोगों के व्यवहार पर अंकुश जो मानसिकता है किसी की ना सुनाई किसी की पर भी हो नहीं पाती केवल अपने मन की मर्जी चलाना यह लोकतंत्र के मूल्य के खिलाफ है और हम इसके खिलाफ है जो मेरे साथ हुआ यह एक उदाहरण है मैंने तो अपनी जवान खोली और कार्यवाही के लिए हम प्रयास करते रहे लेकिन बाकी जो सत्ता में भी बैठे हैं उन लोगों के साथ भी। अफसर शाही हावी है इस पर अंकुश लगना चाहिए मान सम्मान सबका रहना चाहिए और सबसे बड़ी बात जनता के कामों में कमी नहीं होनी चाहिए उन्होंने कहा कि 2024 के परिणाम देखकर हमें अच्छा लग रहा है कि हम 2027 में चुनाव जीतेंगे।

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मामले पर बोलते हुए सांसद इकरा ने कहा कि जिस तरह से उनसे इस्तीफा दिलवाया गया वह पहला दिन था राज्यसभा का उन्होंने संचालन किया पूरा दिन वह वहां बैठे ऐसी क्या दबाव उन पर बनाया गया है क्या उनके साथ परिस्थितियों रही कि वह मजबूर हुए अपना इस्तीफा देने के लिए हम सब की आंखें खोलने का काम करते हैं कि सरकार कोई भी व्यक्ति अगर इंडिपेंडेंस निर्णय लेता है तो यह सरकार उसे इसी तरीके से तोड़ने का और हटाने का काम करती है यह सरकार किसी की भी नहीं है वह एक किसान के बेटे हैं हमारा क्षेत्र भी किसानों का क्षेत्र है तो हम समझते हैं उनकी पीड़ा को और हम उनके साथ हैं। क्योंकि उन्होंने विपक्ष के सांसदों का नोटिस को उन्होंने एक्सेप्ट किया यह उनका अधिकार था उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है ऐसे में सरकार ने जो उन पर दबाव बनाया वह बेहद निंदनीय है उनका प्रोटोकॉल इस देश में दूसरे नंबर का प्रोटोकॉल है और जिस तरीके से व्यवहार उनके साथ हुआ जिससे मजबूर होकर उन्होंने इस्तीफा दिया यह बहुत अफसोस जनक है। इस सरकार को केवल कठपुतली चाहिए कोई भी जो अपना निर्णय लेने में सक्षम है जिसकी रीड की हड्डी मजबूत हो ऐसे लोग इसे बर्दाश्त नहीं होते जहां जहां भी जिस राज्य में चुनाव होते हैं वहां जो दावेदार होते हैं उन्हें हटाकर किसी न किसी नए व्यक्ति को बनाया जाता है समझने लगी है की कोई भी व्यक्ति अगर मजबूत उनकी तरफ से बना तो वह उनकी मानेगा नहीं सिर्फ लोगों की मानी जाएगी या सुनी जाती है तो वही पूरा सिस्टम चलाना चाहते हैं यह सिर्फ यश मैंन चाहते हैं नहीं चाहते कि कोई ऐसा नेतृत्व उभरे जो लोगों का भला कर सके तो इसी तरीके से यह लोग दबाव बनाकर लोगों को मजबूर करते हैं

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *