मोरना चीनी मिल कर्मचारियों ने मांगे पूरी न होने पर दी हड़ताल की चेतावनी
मिल कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के अधिकारियों पर लगाया आरोप

मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगें पूरी करने को लेकर आखिरी चेतावनी देते हुए हड़ताल की कार्रवाई का ऐलान कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि 29 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 30 अक्टूबर से समस्त चीनी मिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो जाएगा और 7 नवंबर को एक बड़े आंदोलन के बाद 8 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे, जिसे लेकर कर्मचरियों ने एक ज्ञापन मिल प्रबंधक को दिया है।
दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना में शुक्रवार को सहकारी चीनी मिल एवं आसवनी कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन उ0प्र0 के तत्वावधान में कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए प्रधान प्रबंधक वी.पी. पाण्डेय को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को तत्काल सुनवाई का आग्रह किया। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कालूराम मलिक ने बताया कि सहकारी चीनी मिल एवं आसवनी कर्मचारी वेलफेयर एसोसिसन उत्तर प्रदेश की एक संयुक्त बैठक लखनऊ मुख्यालय पर हुई थी, जिसमें तीन प्रमुख मांगों पर निर्णय लिया गया, जिसमें तत्काल 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता लागू करना, जिस पर लंबे समय से अमल नहीं हो रहा है। वहीं दूसरी मांग वरिष्ठ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के उत्पीड़न को रोका जाए और चीनी मिलों में लगभग 35 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी और न्यूनतम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के साथ हो रहे उत्पीड़न और अन्यायपूर्ण व्यवहार को तुरंत बंद किया जाए। तीसरी मांग ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को उनके पद के अनुरूप सम्मान और उचित वेतन दिया जाए। मिल कर्मचारी पिछले कई सालों से अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देते चले आ रहे हैं लेकिन कर्मचारियों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसे लेकर शुक्रवार को मोरना चीनी मिल में सभी कर्मचारी एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए प्रधान प्रबंधक के ऑफिस में पहुँचे और अपनी माँगो को लेकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सौंपते हुए शशिकांत यादव, राजीव तोमर, अनिल कुमार, मुकेश वर्मा, भूपेन्द्र सिंह, भगतसिंह, गौतम राठी, विकास कुमार, उधमसिंह, सैंकी सहरावत, अमित जोन, उमेश कुमार आदि ने कहा कि यदि 29 अक्टूबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो 30 अक्टूबर से सभी चीनी मिलों में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया जाएगा तथा 7 नवंबर को हजारों की संख्या में मिल कर्मचारी चीनी मिल के प्रांगण में एकत्रित होंगे, जिसके बाद लखनऊ स्थित संघ मुख्यालय से प्रदेश के गन्ना मंत्री के निवास तक पैदल मार्च करेंगे। यदि उसके बाद भी मांगे पूरी नहीं हुई तो 8 नवंबर से सभी चीनी मिल कर्मचारी टूट डाउन एवं पेन डाउन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे, जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार जिम्मेदार होंगी।