समाजसेवी मनीष चौधरी के प्रयासों से सऊदी से स्वदेश लौटा रिजवान, अब तरन्नुम को न्याय दिलाने की लड़ाई
रिजवान ने आभार जताकर आवास पर किया मनीष चौधरी को सम्मानित, कहा-बुढ़ाना बिलाल मस्जिद पर आंदोलन को हमारा पूरा समर्थन

मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी के प्रयास आखिरकार रंग लाये और अपने बेटे के विदेश में बंधक बना लिये जाने से परेशान परिवार के घर खुशियों ने फिर से दस्तक दी। सऊदी अरब में एजेंट की साजिश के कारण फंसे न्याजुपुरा निवासी रिजवान खान की सुरक्षित घर वापसी ने परिवार को राहत दी। शुक्रवार को परिजनों ने अपने आवास पर समारोह आयोजित करते हुए समाजसेवी मनीष चौधरी एवं उनकी टीम को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करते हुए सहयोग के लिए आभार जताया और विश्वास दिलाया कि वो सभी मिलकर संस्था द्वारा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए किए जा रहे संघर्ष में साथ रहेंगे।
कुछ दिन पूर्व न्याजुपुरा निवासी रानी पत्नी फिरोज खान अपने परिजनों के साथ राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी से मिली थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि थानाभवन निवासी आरिफ ने उनके पुत्र रिजवान को नौकरी दिलाने का झांसा देकर सऊदी भेजा, जहां पहुंचते ही रिज़वान फंस गया। रानी ने बताया था कि एजेंट आरिफ ठगी करने के साथ-साथ परिवार को धमकियां भी दे रहा था। इसी दौरान उन्होंने अपने बेटे को स्वदेश वापस लाने की गुहार मनीष चौधरी से लगाई थी। इस शिकायत के बाद मनीष चौधरी ने 18 नवंबर को मामले को गंभीरता से उठाते हुए पीड़ित परिवार की व्यथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाई। मामले में ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए अधिकारियों का ध्यान रिज़वान की गंभीर स्थिति की ओर आकर्षित किया।
शुक्रवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए मनीष चौधरी ने बताया कि यह ईश्वर की कृपा और अधिकारियों के सहयोग का परिणाम है कि सऊदी में फंसा युवक रिज़वान सकुशल वापस लौट आया है। हमने परिवार की बात को अफसरों तक पहुंचाया और आंदोलन का ऐलान किया तो अफसरों की कार्यवाही के दबाव में एजेंट आरिफ को भी वहां जाकर रिज़वान के पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज रिलीज कराने पड़े तथा उसे भारत भेजने की व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि परिवार ने संस्था को आभार व्यक्त करने के लिए बुलाकर सम्मानित किया, जो उनके लिए एक भावुक क्षण था।
वापसी के बाद रिज़वान खान ने अपने आवास पर मनीष चौधरी को सम्मानित किया और मौल्लावासियों ने भी संस्था के सहयोग की सराहना की। रिजवान ने बताया कि एजेंट की चालबाज़ी के कारण ही मैं सऊदी में फंस गया। मेरे पासपोर्ट समेत सभी दस्तावेज जब्त करा दिए गए थे। वापस भेजने के नाम पर तीन लाख रुपये मांगे जा रहे थे। मुझे एक तरह से बंधक बना लिया गया था। मैंने परिजनों के माध्यम से मनीष चौधरी से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। उनके प्रयासों और अल्लाह के रहम से आज मैं सुरक्षित घर लौटा हूं। रिज़वान ने कहा कि मनीष चौधरी और उनकी टीम धर्म व जाति से ऊपर उठकर हर पीड़ित की आवाज बनती है और न्याय के लिए लड़ाई लड़ती है। उन्होंने घोषणा की कि अब वह और उनके परिजन भी पीड़ित बहन तरन्नुम को न्याय दिलाने के लिए संस्था के साथ संघर्ष में शामिल रहेंगे और बुढ़ाना बिलाल मस्जिद पर मनीष चौधरी द्वारा प्रस्तावित पंचायत, प्रदर्शन में शामिल होकर महिला को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाएंगे। इस दौरान भारत लोकसेवक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केपी चौधरी, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद जबर मोहम्मद इमरान फिरोज खान, मोहम्मद आशु और आसपास के अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।