भ्रष्टाचार के मामले में थानाध्यक्ष और दो सिपाही सस्पेंड
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में पुलिस विभाग की एक ऑडियो सोशल मीडिया पर ऐसी वायरल हुई कि जिससे पुलिस महक में हड़कंप मच गया पुलिस अधिकारियों को आनन फानन में बड़ा फैसला लेना पड़ा जिसमें एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने मामले की जांच एसपी देहात और पुलिस उपाधीक्षक से जांच कर कर थानाध्यक्ष तितावी पवन कुमार और दो कांस्टेबल नवीन और अनीश तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। दरअसल थाना तितावी पिछले काफी समय से सुर्खियों में था जिसमें थानाध्यक्ष द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार और थाना क्षेत्र में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ की तस्करी की शिकायत लगातार हो रही थी इसी को लेकर मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक ने मामले को लोकसभा में भी उठाया था जैसे ही सांसद हरेंद्र मलिक द्वारा लोकसभा में नोटिस दिया गया तो उसे नोटिस के आधार पर मुजफ्फरनगर में ड्रग्स माफिया ऊपर कार्यवाही होनी शुरू हो गई जिसको लेकर सांसद हरेंद्र मलिक ने यह भी कहा था कि मुजफ्फरनगर पुलिस ने उनकी शिकायत की पुष्टि कर दी है क्योंकि जिस तरह से जिले में नशीला पदार्थ बरामद हो रहा है तो उनकी शिकायत झूठी नहीं थी।
इस मामले में एक महिला की एक पुलिसकर्मी से वार्ता की ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई इस वायरल ऑडियो में सिपाही और थाना चरथावल क्षेत्र की एक चर्चित महिला के द्वारा जो वार्तालाप हो रही है वह नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को छुड़वाने को लेकर पैसों के लेनदेन को बात हुई है। बताया जा रहा है कि थाना तितावी पुलिस द्वारा पिछले दिनों दो नशे के कारोबारी को गिरफ्तार किया गया था उनके कब्जे से लगभग 50 लांख रुपए की कीमत की स्मैक बरामद हुई थी इस मामले में पुलिस द्वारा दो आरोपियों को गिरफ्तार करके भेजा था इसके बाद कई लोगों को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था आरोप है कि थाना अध्यक्ष द्वारा अपने चाहते पुलिस कर्मियों से मिलकर उपरोक्त नशे के कारोबारी का मुकदमे से नाम निकालने के बदले 280000 रुपए लिए गए थे मगर पुलिस को शक था की चर्चित महिला के द्वारा रूपयों के इस लेनदेन में बीच में कमीशन खाया है तो इसी बात को लेकर थाना अध्यक्ष से लेकर आरोपी पुलिस कर्मियों तक का पारा गरम हो गया और और जिन लोगों का नाम निकालने के लिए पुलिस द्वारा पैसे लिए गए थे उन्हें ही उठाकर थाने में बंद कर दिया मगर पुलिस कर्मियों और चर्चित महिला के बीच हुई वार्ता का ऑडियो अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया आखिर में निष्कर्ष यह हुआ कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पूरे मामले की जांच करने के बाद आरोपी थाना अध्यक्ष पवन कुमार और उसके दो साथी पुलिस कर्मियों नवीन और अनीश को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।