सामाजिक सद्भाव के लिए नादिर राणा का फूलों का गुलदस्ता एक सराहनीय प्रयास: प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी

मुजफ्फरनगर: पड़ोसी जनपद शामली में आज सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के प्रति एक सकारात्मक सोच के साथ नादिर राणा की पुस्तक फूलों का गुलदस्ता पुस्तक का विमोचन किया गया इस अवसर पर सभी धर्म के गुरु और उस्तादों के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी ने नादिर राणा के इस प्रयास को सामाजिक गठजोड़ और मजबूत बनाने वाला बताते हुए जमकर सराहना की।

सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान रखने वाले जनपद मुजफ्फरनगर निवासी नादिर राणा की एक और नई पुस्तक फूलों का गुलदस्ता का विमोचन कार्यक्रम सेंट आर सी पब्लिक स्कूल शामली में आयोजित किया गया, इस कार्यक्रम में जनपद मुजफ्फरनगर सहारनपुर शामली एवं आसपास के गणमान्य लोगों के अलावा धार्मिक सामाजिक एवं प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया और पुस्तक प्रकाशन पर लेखक नादिर राणा और उनकी पूरी टीम को बधाई संप्रेषित की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गाजियाबाद के जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा एवं प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी शामली जनपद के नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अरविंद संगल अध्यक्षता करते हुए मौजूद रहे।

इस अवसर पर बोलते हुए सीताराम शर्मा ने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर के लेखक नादिर राणा को मैंने बहुत करीब से जाना है और उन्होंने सदैव अपनी रचनात्मक लेखन शैली एवं सामाजिक सरोकार से सभी को लाभान्वित करने का काम किया है, उनकी लेखनी में सकारात्मक पूरी तरीके से हावी रहती है और यही कारण है कि उन्होंने अपनी लेखनी में सदैव उदारवादिता का परिचय देते हुए सद्भावना सौहार्द का अपना उद्देश्य सदैव सर्वोपरि रखा है, उनकी यह पुस्तक समाज को जोड़ने और भाईचारे की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगी, ऐसा मेरा विश्वास है, उन्होंने सभी धर्म वर्ग के लोगों को एक सूत्र में पिरोकर एक साथ पुस्तक के माध्यम से हम सभी के सामने लाने का सार्थक प्रयास किया है, इसके लिए वे और उनकी टीम बधाई की पात्र है।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित रहे राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष प्रमुख समाजसेवी मनीष चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि वास्तव में सामाजिक भाईचारे को बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन सराहनीय है। भारतीय सभ्यता और संस्कृति भाई नदी राणा की पुस्तक फूलों का गुलदस्ता की ही तरह है। इस देश में भिन्न-भिन्न मानता और धर्म होने के बावजूद भी सभी धर्म के लोग आपस में प्रेम पूर्वक इस प्रकार रहते हैं जिस प्रकार एक माला बनाने के लिए विभिन्न फूलों को एक ही धागे में एक साथ गूथा जाता है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक के विमोचन के अवसर पर सभी धर्म के धर्म गुरुओं की उपस्थिति वास्तव में बड़ी बात है। उनके सानिध्य समाज को भाईचारे की ओर लाने के लिए बड़ा काम करेगा।
समाजसेवी कुवंर देवराज पंवार ने कहा कि यह सराहनीय काम है और हर व्यक्ति अपने स्तर से समाज को जोड़ने और अपना योगदान करने का प्रयास करता है लेखक नादिर राणा का भी प्रयास बहुत ही सराहनीय है, इस अवसर पर विभिन्न धर्मो के सम्मानित धर्मगुरु भी आए और उन्होंने अपने आशीर्वाद वचन से सभी को अभिभूत किया इस अवसर पर मुख्य रूप से ध्रुवानंद जी महाराज तीर्थ, स्वामी रामदेव जी महाराज पंच तीर्थ जलालाबाद, आचार्य आजम कृष्ण पांडे, कथा वाचक अजय कृष्ण शास्त्री, स्वामी गोरवानंद जी महाराज भूप खेड़ी आश्रम, ज्ञानी हरजीत सिंह, सरदार राजेंद्र सिंह, पंडित दिनेश पाठक, मौलाना इरफान मौलाना, मौलाना खालिद, मौलाना अब्दुल्लाह, मौलाना शाहनवाज, मौलाना मुकर्रम कासमी, मौलाना खालिद अजय कृष्णा जी महाराज शुक्रताल ,आचार्य कृष्ण पांडे बबलू शर्मा, वसीम अहमद सिद्दीकी, पंडित दिनेश पाठक, फैजुद्दीन (राष्ट्रीय मुस्लिम मच में नगरपालिका कैराना के पूर्व चैयरमेन राशिद सहित प्रतिष्ठित धर्मगुरु मौजूद रहे और सभी ने अपनी शुभकामनाएं लेखक को संप्रेषित की, कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद शामली के अध्यक्ष अरविंद संगल ने की और उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लेखक समाज को आईना दिखाने का काम करता है और रचनात्मक लेखनी सदैव समाज के लिए एक आईने की तरह ही होती है और यहां पर लेखक ने जो प्रयास किया है वह बधाई के पात्र हैं, मैं उनको बधाई संप्रेषित करता हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और अंत में गणमान्य लोगों द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया। चैयरमेन अरविंद संगल ने अतिथियों को मैडल पहनाकर सम्मान और अभिनंदन किया गया। और उन्होंने इस सद्भावना सम्मेलन में कहा कि सामाजिक एकता राष्ट्र के लिए बहुत आवश्यक है इसलिए हमें राष्ट्रीय में अपना योगदान समय-समय पर करते रहना चाहिए राष्ट्र भावना इंसान को और उसके किरदार को तो मजबूत बनती ही है वहीं राष्ट्र को भी मजबूत करने का काम करती है इसलिए हमें अपने राष्ट्र से प्रेम करते हुए आपसी सद्भावना सुधार पर बोल देना चाहिए यही हमारी पहचान है, अध्यक्ष अरविंद संगल ने सभी अतिथियों का बहुत ही गर्म जोशी के साथ स्वागत किया और सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की, इस अवसर पर सभी धर्म गुरुओं ने एक सथ और में सुर मिलाते हुए कहा कि सर्व धर्म सम्मेलन में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और खुशी है कि इस सम्मेलन में एक ऐसा मंच मिला जो सभी को आपस में मिलाने का काम करता है और ऐसे सम्मेलन समय-समय पर आयोजित होने चाहिए जो सर्वधर्म समभाव की भावना को बढ़ाने का काम करते हो और सभी धर्मगुरुओं ने पुस्तक का सामूहिक रूप से विमोचन किया , लेखक नादिर राणा और इस कार्यक्रम के आयोजक डा हरिओम पाठक और मौलाना इरफान कासमी ने सभी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।