जनपद मुज़फ्फरनगर में सन 1853 में एक बच्चे को भेड़िया द्वारा पलने की घटना हुई थी-अशोक बालियान

दुनिया में भेड़ियों द्वारा मनुष्य के बच्चे अपनी माँद में पाल लेने की कितनी ही घटनाएँ जानकारी में आती रही हैं। Household words by Charles Dickens, 1853 के पेज 280 के अनुसार जनपद मुज़फ्फरनगर में भेड़िये द्वारा एक छोटे बच्चे को पालन की घटना हुई थी, उस बच्चे को भेड़िया उठाकर उसके माता-पिता से दूर जंगल में ले गया था।
सन 1853 में जनपद मुज़फ्फरनगर शिकार पर निकले कुछ अंग्रेज शिकारियों ने जंगल में देखा कि एक भेड़िये के झुंड के आगे एक बच्चा तेजी से दौड़ रहा था। वह दौड़ने में अपने हाथों और पैरों दोनों का इस्तेमाल कर रहा था। किसी को नहीं पता यह बच्चा जंगल में कैसे आया, लेकिन उसे देखकर लग रहा था कि उसे भेड़ियों ने ही पाला-पोसा है।अंग्रेज शिकारी उस बच्चे को पकड़कर मेरठ लाये।

वह लगभग पाँच साल का लड़का था, और उसके हाथों की हथेलियाँ और पैरों के तलवे घोड़े के खुरों की तरह सख्त थे।
उस बच्चे की हरकतें बंदर की तरह फुर्तीली थीं। वह बच्चा वहां उपस्थित अंग्रेज के कुत्ते पर गुर्रा रहा था। यह बच्चा जानवरों के खाने के अलावा कुछ भी खाने से इनकार करता था।
यह घटनाएँ यह तथ्य सामने लाती हैं कि मनुष्य का विकास समुन्नत सामाजिक परिस्थितियों में ही हो सकता है।एकाकी प्रयत्न के बलबूते कोई जीवित भले ही रह ले, पर मानवोचित आहार-व्यवहार तक से परिचित नहीं हो सकता।