एक परिवार के 10 लोगों की हिन्दू धर्म में वापसी
फेमिदा से राजकुमारी कश्यप, रेशमा से कुमारी पूजा, पलक से सविता, महक से श्रीमती कविता, दिलजान से ब्रजेश कश्यप, आलिया से कुमारी पायल, सना से कुमारी सोनिया, खुशनुमा से कुमारी साधना, अरमान से अमित कश्यप और इस्लाम से विक्रम सिंह बने

मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के महंत स्वामी यशवीर महाराज इन दिनों उन परिवारों को हिंदू धर्म में वापसी कराने में व्यस्त है जो किन्हीं कारणों से हिंदू धर्म से इस्लाम धर्म कबूल कर चुके थे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में जिस तरह से कानून व्यवस्था पूरी तरह से चुस्त दुरुस्त है और बहन बेटियां सुरक्षित है अपराधियों के हौसले पूरी तरह से नेस्तनाबूत है । तो उसी के चलते जो परिवार किन्ही वजह से मुस्लिम धर्म ग्रहण कर चुके थे अब वह हिंदू धर्म में घर वापसी कर रहे है ।
इसी को लेकर योग साधना यशवीर आश्रम बघरा मुजफ्फरनगर के महंत स्वामी यशवीर महाराज ने गुरुवार को एक बार फिर से एक परिवार के 10 लोगों की मुस्लिम धर्म से हिंदू धर्म में घर वापसी कराई है। इस दौरान स्वामी यशवीर महाराज ने इस परिवार के सभी 10 लोगों की यज्ञ हवन पूजन और मंत्र उच्चारण के साथ-साथ गंगाजल के आचमन के शुद्ध कर घर वापसी कराई है।
जानकारी के अनुसार लगभग 50 साल पूर्व देवबंद निवासी कश्यप समाज की एक महिला मुस्लिम धर्म अपना कर फेमिदा बन गई थी इस दौरान फेमिदा ने एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी कर ली थी। इस महिला फेमीदा का कहना है कि वह ज्यादातर अपने मायके में रहा करती थी जिसके चलते उसके ससुराल वाले इसका एतराज किया करते थे फेमिदा का कहना है कि इसकी वजह से उसके ससुराल वाले उससे दुश्मनी रखने लगे थे। कुछ साल पूर्व उसके पति की मौत के बाद परेशान थी जिसके चलते आज उसने मुजफ्फरनगर जनपद के बघरा ब्लॉक में स्थित योग साधना आश्रम में पहुंचकर मुस्लिम धर्म से हिंदू धर्म में घर वापसी की है इस दौरान स्वामी यशवीर महाराज ने यज्ञ , हवन, मंत्रोच्चार और गंगा जल के आचमन के साथ फेमीदा के परिवार के 10 सदस्यों की हिंदू धर्म में वापसी कराई है। 
जिसके चलते अब फेमिदा से राजकुमारी कश्यप बन गई तो वहीं इसके परिवार की रेशमा से कुमारी पूजा, पलक से सविता, महक श्रीमती कविता, दिलजान ब्रजेश कश्यप, आलिया कुमारी पायल, सना कुमारी सोनिया, खुशनुमा कुमारी साधना, अरमान अमित कश्यप और इस्लाम विक्रम सिंह बन गए। स्वामी यशवीर महाराज अब तक लगभग 500 लोगों की हिंदू धर्म में वापसी कर चुके हैं
एक ही परिवार के 10 लोगों की घर वापसी करने के बाद स्वामी यशवीर जी महाराज ने बताया कि यह देवबंद जिसका नाम देववर्न्द है वहां के निवासी हैं और मुस्लिम परिवार से थे यह यहां आश्रम में आए और यह कहने लगे की हमने इस्लाम मजहब छोड़ दिया है और सनातन धर्म को स्वीकार कर लिया है महाराज जी हमारा शुद्धि यज्ञ कीजिए तो हमने आज शुद्धि यज्ञ किया इनका और इन्होंने शुद्धि यज्ञ के माध्यम से बड़ी श्रद्धा से आज सनातन धर्म में घर वापसी कर ली है देखिए आज जो शुद्धि यज्ञ हुआ है घर वापसी की है यह कश्यप जाति से है और यह हम नहीं कह सकते कि अब तक कितनी कर चुके हैं यह तो कई वर्षों से लगे हैं अब क्या ध्यान रह पाता है हमारा तो बस घर वापसी में ही धुन रहती है जो आए अब यह आ गए दो-चार दिन में फिर आ सकते हैं कोई ना कोई आज कश्यप जाति के 10 लोगों ने घर वापसी की है और अभी हमारे संपर्क में पांच हजार मुसलमान हैं वो धीमे-धीमे वह भी आ जाएंगे देखिए सनातन धर्म के लोगों को इसका लाभ यह होगा कि वक्फ बोर्ड के नाम पर कहीं भी वह अपना बोर्ड लगा करके वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर देते थे तो अब नहीं होगा लेकिन जो गरीब लोग हैं मुसलमानो में और उसका लाभ नहीं मिल रहा था उनको और भू माफिया पूरा मजा ले रहे थे अब गरीब मुसलमानो को भी उसका लाभ मिलेगा इसके लिए मैं भारतीय जनता पार्टी को मोदी जी को अमित शाह जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं कि इन्होंने जो कार्य किया है वह ऐतिहासिक किया है और बल्कि यह कार्य तो पहली जो सरकारे हैं उनको कर देना चाहिए था कर ही देना ही नहीं चाहिए था बल्कि वक्फ बोर्ड को ही समाप्त कर देना चाहिए था जो यहां बहुत बड़ी खाई पैदा कर रही थी।
फेमिदा से राजकुमारी बनी महिला का कहना है कि राजकुमारी मेरा नाम है पहले मेरा नाम फेमीदा था हम 50 साल पहले मुस्लिम बने थे मेरे भाई नहीं था हम पांच बहन थी मजबूरी थी मैंने अपनी मर्जी से मुसलमानो में शादी कर ली थी अब मैं फिर दोबारा अपने कुंनबे में आना चाहती हूं वैसे तो कुछ नहीं था जो उनकी ददीहाद है वह दुश्मनी करते हैं मैं अपने पीहर में रहती हूं पीहर में रहने की वजह से मेरे साथ दुश्मनी करते हैं मेरे ससुराल वाले धर्म तो अपना ही हिंदू धर्म अच्छा लगता है बस यह शिकायत वैसे तो कुछ नहीं थी शिकायत यह है मेरे बच्चों को मेरे जो ससुराल वाले हैं वह मरवाते हैं पकड़वाते हैं तुम पिहर क्यों रहती हो तुम हिंदू धर्म में क्यों रहती हो अपने धर्म में क्यों नहीं आती हो मैंने कहा मैं नहीं आती मैं अपने धर्म में ही रहूंगी अपना ही धर्म अपनाऊंगी मेरे कुछ बच्चे हैं वह महाराष्ट्र गए हुए हैं वो साल 6 महीने में आते हैं आज मैंने हिंदू धर्म अपना लिया तो मेरे पूरे परिवार ने सब ने हिन्दू धर्म अपना लिया उन्होंने खुशी से मुझे कहकर भेजा है।