मुझे अगर श्रीराम कथा कहने के बॉर्डर पर जाने के लिए कहा जाए तो मैं तैयार हूं – मुरारी बापू – कथावाचक प्रसिद्ध शायर नवाज देवबंदी ने मुरारी बापू से की मुलाक़ात उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में भागवत की नगरी शुकतीर्थ (शुक्रताल) में कथा वाचक मुरारी बापू द्वारा 2 मई से श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है । जिसने कथा वाचक मुरारी बापू के मुख से यह कथा 2 मई से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी । शुक्रवार की मुरारी बापू ने मीडिया से वार्ता करते हुए मीडिया के सवालों का जवाब दिया इसके साथ ही मुरारी बापू ने मीडिया द्वारा विश्व में कई देशों में चल रहे युद्ध और तनाव के सवाल पर कथा वाचक पुरारी बापू ने कहा कि यदि मुझे बोर्डर पर श्री राम कथा कहने के लिए जाने को कहा जाए तो मैं जाने के लिए तैयार हूं। मुरारी बापू ने योगी आदित्यनाथ को भी सुकतीर्थ में गंगा जी की अविरल धारा लाने के लिए याद दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि है भागवत की धरती है उन्हें इस धरती पर छह बार आने का सौभाग्य मिल चुका है और जिस तरह से भगवान सुखदेव जी ने राजा परीक्षित को 7 दिन तक भागवतकथा सुनाई थी इस प्रकार वह भी यहां सात बार श्री राम कथा कहना चाहते हैं अगर भगवान ने चाहा तो वह सातवीं बार भी सुकतीर्थ में आएंगे प्रसिद्ध शायर नवाज़ देवबंदी ने देवबंद सहारनपुर से सुक तीर्थ (शुक्रताल) पहुंचकर कथावाचक मुरारी बापू से मुलाकात की इस दौरान नवाज़ देवबंदी ने कहा कि वह अक्सर मुरारी बापू की कथा सुनते हैं और मुरारी बापू उनकी शायरी सुनते हैं। नवाज़ देवबंदी ने कहा कि मुरारी बापू तो प्रेम और स्नेह का एक ऐसा वृक्ष है जिसका साया बहुत दूर तक जाता है तो जाहिर है तो उन्हीं की छत्रछाया में थोड़ी देर बैठने के लिए आज यहां आया हूं। हमारा सौभाग्य है कि बापू को साहित्य से प्रेम है शायरी और गजल से प्यार है हमें भी उनकी छत्रछाया में थोड़ी देर बैठकर लगता है कि आसमान और आकाश को हम अपनी कविता, शायरी और गजल सुना रहे हैं हमारी गजल का भी सौभाग्य होता है और हमारा भी.. उन्होंने कहा कि सरलता तो हमेशा जिंदा रहेगी प्यार प्रेम कभी नहीं मरता… जाहिर है जो यह सरलता है जो यह प्रेम है जो सांप्रदायिक सौहार्द है यह हमेशा जिंदा रहे .. उन्होंने कहा कि तमाम लोगों को मोहब्बत की ही बात करनी चाहिए यह मोहब्बत की दुनिया है और मोहब्बत से ही चलती है और चल सकती है तो इस तरह से तमाम शायरों की जिम्मेदारी है अपने-अपने विचारों से दुनिया में ज्यादा से ज्यादा मोहब्बत और प्रेम को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बापू तो कहीं भी कथा होती है तो एक दिन हमें जरूर बुलाते हैं और यह हमारा सौभाग्य है कि बापू अपनी कथा में हमारी शायरी का जिक्र करते हैं और मुझे लगता है इससे मेरा सीना इतना चौड़ा हो जाता है मुझे लगता है कि मैं बहुत बड़ी छत्र छाया में हूं । उन्होंने कहा कि आज नवयुवकों को साहित्य जरूर पढ़ना चाहिए BYTE – मुरारी बापू (कथा वाचक) BYTE – नवाज़ देवबंदी (प्रसिद्ध शायर)

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