मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर किया पलटवार
प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकना चाहती है भाजपा – हरेंद्र मलिक सांसद
सांसद हरेंद्र मलिक ने भाजपा की सहयोगी पार्टियों को बताया बंधुआ मजदूर
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों ने अपना चुनावी माहौल बनाना शुरू कर दिया है लखनऊ में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा एक इंटरव्यू में समाजवादी पार्टी के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि अगर वह सहारनपुर जा रहे हैं तो वहां फतिया क्यों नहीं पढ़ कर आए
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से सांसद हरेंद्र मलिक ने पटवार करते हुए कहा कि ओमप्रकाश राजभर की दिक्कत है पहले तो बात यह है कि समाजवादी पार्टी के लिए यह शुभ संकेत है कि ओमप्रकाश राजभर की समाजवादी पार्टी को गाली दे रहे हैं निशाना साध रहे हैं क्योंकि आप 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को गरियाते थे भाजपा का राज आ गया अब यह सपा को गरिया रहे हैं तो हमारा राज आ जाएगा समाजवादी राज आ जाएगा यह तो शुभ संकेत है जहां तक उनके आलोचना की बात है उन विचारों को तो यह भी पता नहीं कि तुमने चुनाव के दौरान किसे क्या कहा था जो स्क्रिप्ट भाजपा लिख कर देती है वह उसे पढ़ देते है । वहां मजबूरी है भाजपा में सहयोगी नहीं बंधुआ मजदूर रहते हैं। जो मालिक चाहते हैं वह इन्हें बोलना पड़ता है हम तो उनका बुरा नहीं मानते उनको जनता हल्के में लेती है कोई गंभीरता से नहीं लेता उन्हें तो उसकी क्या चर्चा करें
समाजवादी पार्टी के सहारनपुर गए डेलिगेशन को ओमप्रकाश राजभर द्वारा फतिया पढ़ने की सलाह पर सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि अब क्या वह यह भी तय करेंगे कि हमें क्या करना है क्या नहीं करना बिना मतलब की बात करते हैं वह अपनी पार्टी को देख ले हम लोगों का हो सकता है कि राजनीतिक अनुभव उनसे ज्यादा है उन्हें यह जानना चाहिए कि भारतीय जनता पार्टी देश को तोड़ने का प्रयास कर रही है सांप्रदायिक सौहार्द खराब कर रहे हैं अगर सांप्रदायिक सौहार्द खराब होगा तो कोई नहीं बचेगा जो धर्मनिरपेक्ष ताकते हैं वह सभी तबाह हो जाएंगे
मुजफ्फरनगर में 2013 देंगे से जुड़े पोस्ट के सवाल पर सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि दिक्कत यह है सारे को लगाए गए हैं। उन्होंने पोस्टर लगवाए और पुलिस ने उतारे तो पुलिस का धन्यवाद और अब पुलिस दबाव में क्यों है पता क्यों नहीं कर रहे हैं कि कहां किसने पोस्टर लगाए थे पुलिस का मैं बयान पढ़ा है कि शायद वह 1:20 पर आए थे किसी बस में बैठकर बस से आए थे तो बस का नंबर भी होगा उनके फोटो भी सीसीटीवी में आ रहे होंगे बस में कहां से बैठ वह ड्राइवर कंडक्टर बताएंगे कंडक्टर को पता होगा कहां से बैठे हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस ट्रैक करें और उनके खिलाफ विधि कार्यवाही होनी चाहिए जो भी विधि कार्यवाही बैठती है। सीधा सा मामला है कि राजनीतिक दल चुनाव को वॉच करते हैं भारतीय जनता पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर फेल है जब आजादी की लड़ाई में सस्ती दवाई और मुफ्ती पढ़ाई की बात करते हैं । यह ना तो सस्ती दवाई दे पाए और ना सस्ती पढ़ाई कर पाए थे ना ही उनके परिवारों की सहायता कर पाए और ना ही एमएसपी का रेट दे पाए किसान परेशान है इन्होंने 2 करोड़ बेरोजगारों को प्रतिवर्ष रोजगार देने की बात कही गई थी उनको नौकरी नहीं दे पाए सबसे बड़ी बात तो यह है कि जो चंदा चोरी में छि छै लेदर हुई है तो राम भक्त होने की इनकी पोल भी खुल गई है उससे ध्यान बदलने के लिए यह केवल और केवल प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकना चाहते हैं। हमारी सबसे अपील है कि आपसी भाईचारा बना करके रखें हम जानते हैं कि सरकार चाहती है हम यह भी चाहते हैं कि देश बचेगा प्रदेश बचेगा तो हम बचेंगे वरना हमें कहां बचेंगे हमारी जमीन है हमारे भाई लोग हैं हम यहां आपस में प्यार से रहते हैं।
सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि 2013 में जिनके नाम पर इन्होंने दंगा कराया था वह परिवार रोता घूमता है मलिकपुर की सड़क भी नहीं बनी आज तक और वह बेचारा परिवार किस तरह रह रहा है रविंद्र जी से पूछो यह स्थिति है और जितने लोगों पर मुकदमे चले थे सबने आपसी भाईचारा करके अपने गांव में फैसले किए हैं किसी ने कोई सहयोग नहीं किया बाल्टी उल्टी जानकारी हमें जहां-जहां से चंदा आए हैं अफगानिस्तान की वीडियो दिखाकर दंगा करा दिया था । और अब नूहू की घटना से मेवात में जब घटना हुई थी तो एक परिवार ने खड़ा होकर कह दिया था कि हम इनके साथ नहीं है हम हिंदू मुस्लिम नहीं होने देंगे हम फसाद में साथ नहीं देंगे कमेंरों के वापस आते ही इनका दिमाग ठीक हो गया। यह बहुत खतरनाक लोग हैं इनसे बची और देश को बचाइए