किसानों को मिले उत्पादन लागत के आधार पर 500 रू कुंतल गन्ना मूल्य – भाकियू अराजनैतिक

किसानों संगठन के नेता खनन,डंग्गामारी में व्यस्त किसानों के नाम पर निजी हित साध रहे हैं धर्मेंद्र मलिक
मुजफ्फरनगर- भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक द्वारा आज जिलाधिकारी पर गन्ना मुल्य वृद्धि को लेकर प्रदेशव्यापी आह्वान पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता चंद्रवीर सहरावत भोकरहेडी एवं संचालन मोहित मलिक,अंकित जावला ने संयुक्त रूप से किया
धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिलता यही कारण है कि आज किसान कर्जदार होता जा रहा है। पिछले वर्ष किसानों को लगभग 3300 करोड़ का कम उत्पादन केवल एक कीड़े टॉप बोरर के कारण हुआ लेकिन कृषि वैज्ञानिक हाथ पर हाथ रखकर बैठे है। इस वर्ष चीनी मुल्य में भारी वृद्धि हुई है तो किसानों के गन्ने का भी राज्य परामर्शी मुल्य कम से कम 500 रु कुंतल होना चाहिए
आज किसान संगठन आखिर किसानों के मुद्दों पर मौन क्यों है
आज किसान संगठनों को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे एवं राहुल गांधी की सरकार बनाने की ज्यादा चिंता अधिक है। किसानों को ऐसे किसान नेताओं से सावधान रहने की जरूरत है
आज किसान संगठनों में नेता वसूली के लिए बन रहे है
किसान संगठनों के कार्यकर्ता आज अवैध खनन और डंग्गामारी वाहनों के संचालन में व्यस्त है ऐसे लोग आपका भला नहीं कर सकते है
आज जिला प्रशासन भ्रस्टाचार करने वालो के सामने नतमस्तक है। चकबंदी अधिकारी खुलेआम लूट रहे हैं ऐसे लोगों का संगठन इलाज करने का कार्य करेगा
धरने को विपिन त्यागी, मनीष देव,मानू त्यागी, राजपाल सिंह, बाबर,शहजाद राव, कपिल बालियान, कपिल राठी, नीरज मलिक, दीपक चौधरी, काला प्रधान चौकडा, अमित चौधरी,विवेक भाटी, अवनीश, योगेन्द्र पंवार, सत्यजीत सोम,अनुज सोम, हरिओम सोम, राजसिंह आर्य,सुमित, शिवमं,कृष्ण त्यागी, सतीश भारद्वाज आदि ने संबोधित किया
धरने पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ ने ज्ञापन लेकर समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया
मुख्यमंत्री के नाम लिखा गया ज्ञापन
उत्तर प्रदेश में गन्ना केवल एक फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश के लगभग 48 लाख गन्ना किसान परिवार प्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। कृषि मजदूरों, परिवहन, चीनी मिलों, कोल्हू एवं गुड़ उद्योग सहित लाखों लोगों की आजीविका भी इस पर निर्भर है।
पिछले वर्षों में डीजल, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि मजदूरी की लागत में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि गन्ने के मूल्य में वृद्धि लागत के अनुरूप नहीं हुई। दूसरी ओर, चीनी के बाजार मूल्य में वृद्धि और कई क्षेत्रों में कोल्हुओं द्वारा चीनी मिलों की निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर गन्ने की खरीद की स्थितियां किसानों के उचित मूल्य की मांग को मजबूत करती हैं।
चीनी के बाजार मूल्य में वृद्धि भी किसानों को बेहतर मूल्य देने का आधार प्रस्तुत करती है। केंद्र सरकार के 21 अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, 20 जुलाई से 20 अगस्त 2026 के बीच चीनी का औसत खुदरा मूल्य ₹48.18 से बढ़कर ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गया। चीनी के खुदरा मूल्य और मिल के वास्तविक लाभ में अंतर अवश्य है, लेकिन चीनी, एथेनॉल, शीरा एवं अन्य उप-उत्पादों से होने वाली आय को ध्यान में रखकर गन्ना मूल्य का निष्पक्ष निर्धारण किया जाना चाहिए।
अतः भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) द्वारा आज दिनांक 16 अक्तूबर 2026 को प्रदेशव्यापी जिलाधिकारी कार्यालयों पर आयोजित प्रदर्शन के माध्यम से निम्न मांग करती है ।
1. प्रदेश में गन्ने का मुल्य 500 रु कुंतल तय किया जाए:
आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य बढ़ाकर ₹500 प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए तथा किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
2. असमय बारिश से फसल नुकसान का मुआवजा: हाल की असमय बारिश एवं तेज हवाओं से धान, उड़द, मूंग तथा अन्य फसलों को हुए नुकसान का गांववार सर्वे कराया जाए। प्रभावित किसानों को फसल क्षति के वास्तविक आकलन के आधार पर शीघ्र मुआवजा एवं बीमा भुगतान दिलाया जाए। फसल कटाई के बाद खेतों या खलिहानों में रखी उपज को हुए पात्र नुकसान को भी लागू नियमों के अनुसार राहत में शामिल किया जाए।
3. आलू के किसानों को सस्ता बीज़ एवं सभी किसानों को कोल्ड स्टोर की सहायता उपलब्ध करायी जाए
उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा आलू के किसानों को कोल्ड स्टोर के किराए में सहायता देने का निर्णय स्वागत योग्य है लेकिन इसमें शासनादेश जारी होने से पूर्व में निकासी कर चुके किसानों को भी शामिल किया जाय
4. आलू का बीज़ सस्ता दिया जाय: उत्तर प्रदेश में आलू का बाजार भाव लगभग 700 रू कुंतल है लेकिन उद्यान विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा 3600 रू कुंतल की दर से बीज़ दिया जा रहा है ,जिससे किसानों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। उद्यान विभाग का कार्य मुनाफा कमाना नहीं ब्लकि किसानों को उन्नत एवं सस्ता बीज़ उपलब्ध कराना है
उद्यान विभाग में आलू के बीज़ का मूल्य बाजार भाव से दोगुना या 1500 रू कुंतल से अधिक तय नहीं किया जाय
5. ठेके पर खेती करने वाले किसानों को विशेष राहत: बड़ी संख्या में किसान दूसरे की जमीन ठेके या बटाई पर लेकर खेती करते हैं और बीज, खाद, सिंचाई तथा मजदूरी का पूरा खर्च स्वयं उठाते हैं। भूमि अभिलेखों में नाम न होने के कारण ऐसे वास्तविक खेती करने वाले किसान मुआवजे से वंचित न रहें। ग्राम पंचायत, लेखपाल एवं कृषि विभाग के संयुक्त सत्यापन से वास्तविक खेती करने वाले व्यक्ति की पहचान कर विशेष राहत व्यवस्था बनाई जाए।
6. फसल की आवश्यकता के अनुसार यूरिया और DAP की उपलब्धता: धान, गेहूं, गन्ना, दलहन एवं अन्य फसलों की बुवाई और पोषण संबंधी जरूरतों के अनुसार जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उर्वरकों की मांग का पूर्व आकलन किया जाए। समितियों और अधिकृत विक्रय केंद्रों पर पर्याप्त स्टॉक रखा जाए तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली पर कठोर कार्रवाई हो। किसानों को उनकी वास्तविक खेती और फसल की जरूरत के अनुसार समय पर यूरिया, DAP तथा अन्य आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं।
महोदय, किसान प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच खेती कर रहा है। उसकी आय और उत्पादन क्षमता सुरक्षित रखना प्रदेश की खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है।
अतः आपसे आग्रह है कि गन्ने का मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल निर्धारित करने, बारिश से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने, ठेका एवं बटाईदार किसानों को राहत के दायरे में लाने तथा फसलवार उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निर्णय लिया जाए।
जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर के लिए ज्ञापन
आपके संज्ञान में लाना है कि जनपद में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं लेकिन भ्रस्टाचार के चलते किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके कारण किसान काफी परेशानियों का सामना कर रहा है
आज दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन के माध्यम से किसानों की निम्न समस्याओं के समाधान की मांग करते हैं
1. अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों को ठीक करने के लिए ग्राम सभा में पंचायत का रोस्टर बनाकर ठीक करायी जाए
2. ग्राम पुरबालियान में चकबंदी की समीक्षा जिलाधिकारी महोदय द्वारा की जाय एवं ग़लत आदेशों की जांच करायी जाए
3. सर्दी में शुगर मिलों में किसानों के लिये चाय एवं पशुओं के गर्म पानी की उचित व्यवस्था की जाए
4. किसान दिवस में अधिकारियों के सामने होने वालीं गुंडागर्दी पर रोक लगाई जाए एवं किसान दिवस में केवल शासनादेश में दिए गए विषयों पर ही वार्ता की जाए
5. तहसीलों में व्यापत भ्रस्टाचार को समाप्त किया जाय, लेखपाल द्वारा सहायक के नाम पर दलाली कर रहे लोगों को जैल भेजा जाए
6. गांव में किसानों को फसल सुखाने हेतु जगह नहीं है, ग्राम सभा की खलियान की जमीनें खाली करायी जाए
7. जल जीवन मिशन में ग्राम की तोड़ी गई सड़कों को ठीक कराया जाए
8. जनपद में अमानक खाद, बीज़ बेचने एवं उत्पादन करने वालीं इकाईयों पर रोक लगाई जाए
9. कृषि विभाग द्वारा मिनी किट वितरण की जांच करायी जाए