श्रीराम के बाण से हुआ रावण का अंत, पटेलनगर में गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष

श्रीराम के बाण से हुआ रावण का अंत, पटेलनगर में गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष

श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति के 51वें रामलीला महोत्सव में राम-रावण युद्ध का सजीव मंचन, रावण और कुंभकर्ण के पुतलों के दहन के साथ हुई धर्म की स्थापना

मुजफ्फरनगर : श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति पटेलनगर के द्वारा अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देते हुए आयोजित श्रीरामलीला महोत्सव में भगवान श्रीराम के हाथों रावण वध की लीला का मंचन किया गया। श्रीराम चरितमानस में वर्णित प्रसंगों के आधार पर प्रस्तुत राम-रावण युद्ध ने दर्शकों को रामकथा के उस निर्णायक क्षण से जोड़ा, जब लंकापति रावण के अहंकार और अन्याय का अंत हुआ। भगवान श्रीराम की विजय के साथ ही मैदान में जय श्रीराम के उद्घोष गूंज उठे और धर्म की स्थापना हुई।
श्री आदर्श रामलीला भवन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 51वें श्रीरामलीला मंचन महोत्सव के 11वें दिन रविवार को राम-रावण युद्ध की लीला का मंचीय प्रस्तुतिकरण किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि एनआरआई विकास कुमार, सचिन सिंघल ;सवेरा पेपरद्ध, गौरव बंसल ;भिवाड़ीद्ध, एम.पी. जैन एडवोकेट, पूर्व चेयरमैन आयुष बोर्ड उत्तर प्रदेश डॉ. सुभाष चन्द शर्मा, सुरेश भाटिया ;नमक वालेद्ध, समाजसेवी राजेश गोयल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। यहां नगरपालिका के सभासद मनोज वर्मा और मोहित मलिक तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अन्नु चौधरी भी मौजूद रहे। गणेश वन्दना और श्रीराम चरितमानस तथा सिया-राम की आरती के पश्चात युद्ध लीला का शुभारंभ हुआ। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने कुंभकर्ण, मेघनाद आदि रावण दल के अनेक योद्धाओं का अंत किया।
12वें दिन सोमवार सुबह रामलीला मंच पर समिति के पदाधिकारियों ने दशहरा पूजन किया। इसके बाद शाम को पटेलनगर मैदान में भगवान श्रीराम और लंकाधिपति रावण के बीच युद्ध का मंचन हुआ। इस लीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप, निरंकार स्वरूप ;डायरेक्टर, टिकोला शुगर मिलद्ध, राकेश बिन्दल ;चेयरमैन, बिन्दल गु्रपद्ध, संजीव जैन ;सिल्वरटन पेपर मिलद्ध, संजय जैन ;पारस टीएमटीद्ध आदि ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कमेटी के संरक्षक भीमसेन कंसल, मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, अध्यक्ष मनीष कपूर और संयोजक विकल्प जैन ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह व मिष्ठान देकर सम्मानित किया।
इसके पश्चात मैदान पर रामा दल और रावण दल के योद्धाओं में घनघोर युद्ध की लीला का मंचन हुआ। जिसमें रामचरितमानस के लंकाकांड में वर्णित प्रसंगों के अनुरूप युद्ध में रावण के पराक्रम और भगवान श्रीराम के धैर्य, धर्मनिष्ठा तथा मर्यादा को दर्शाया गया। युद्ध के दौरान रावण के वध के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया। लीला में दिखाया गया कि शक्ति और वैभव के बावजूद अहंकार तथा अधर्म का मार्ग अंततः विनाश की ओर ले जाता है, जबकि धर्म और सत्य की राह पर चलने वाले की विजय होती है। रावण वध की लीला के बाद अतिथियों ने भगवान श्रीराम के पात्र के साथ रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया। पुतलों के दहन के साथ ही मैदान में उत्सव का माहौल बन गया। रावण वध के उपरांत भगवान श्रीराम की भव्य विजय यात्रा निकाली गई, जो अयोध्या पहुंची, जहां भरत मिलाप का मार्मिक और सुखद मंचन किया गया। इसके साथ ही अयोध्या नगरी में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां भी प्रारम्भ कर दी गई थी।
रावण दहन उत्सव में सुरेन्द्र अग्रवाल, अमित गर्ग, विशाल गर्ग, अरविन्द भारद्वाज, राजीव गर्ग, धर्मेन्द्र पंवार नीटू आदि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में व्यवस्था बनाने और मंचन में मुख्य प्रबंधक अनिल ऐरन, कार्यक्रम संयोजक विकल्प जैन, जितेन्द्र कुच्छल, सुरेन्द्र मंगल, विजय मित्तल, प्रमोद गुप्ता, पंकज शर्मा, पीयूष शर्मा, नारायण ऐरन, विजय गुप्ता, मुकेश गोयल, मनीष कपूर, राकेश बंसल, जितेन्द्र नामदेव, राजेश मित्तल, भगवती, तनिष्क भारद्वाज, डीके जैन, गौरव मित्तल, अनिल लोहिया, अंशुल गुप्ता, )षभ जैन, अमर चौधरी, प्रदीप बॉबी, विपिन जैन, हरिओम मास्टर, आकाश गोयल, सोनू सिंह, विपुल मोहन, यश गर्ग, प्रियांशु, पंकज शर्मा, शिवांश ठाकुर, कृष्णा नामदेव, स्पर्श गर्ग, विवेक सिंघल सहित अन्य कलाकारों की उपस्थिति रही।

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