मंदिर की जमीन को लेकर संत समाज में रोष
संतों ने कहा मंसूरपुर डिस्टलरी की बजा देंगे ईट से ईंट

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में बहुचर्चित सर शादीलाल डिस्टलरी एंड केमिकल वर्क्स लाल डिस्टलरी के कर्मचारियों के द्वारा 1960 में अपना एक दिन के वेतन इकट्ठा कर खरीदी गई जमीन पर कब्जा लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां तीन दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान इसी जमीन को लेकर मंसूरपुर थाने में जमकर भड़के थे इसके बाद उनकी सुरक्षा तक वापस ले ली गई थी उसके बाद मामले ने और ज्यादा तूल पकड़ लिया था वहीं क्षेत्र के लोगों ने 19 जनवरी को बड़ी महापंचायत करने का ऐलान किया है। 19 तारीख की पंचायत को सफल बनाने के लिए जहां क्षेत्र के लोग मेहनत करते नजर आ रहे हैं तो वहीं इस पंचायत को साधु संतों का भी भारी समर्थन मिलने जा रहा है जिसके चलते गुरुवार को थाना भोपा क्षेत्र के सुकतीर्थ स्थित संत गोपाल दास महाराज के नेतृत्व में सिद्ध पीठ माता पूर्णागिरी आश्रम में संत समाज ने इकट्ठा होकर घटना पर बेहद रोष जताया । इस दौरान साधु संतों ने चेतावनी दी है कि यदि मंसूरपुर डिस्टलरी और मुजफ्फरनगर के प्रशासनिक अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेकर मंदिर और धर्मशाला के लिए खरीदी गई जमीन को मंदिर के लिए नहीं छोड़ा गया तो साधु संत चुप नहीं बैठेंगे और डिस्टलरी की ईंट से एट बजा कर रख देंगे साधु संतों ने कहा कि फिलहाल प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है जिसमें ज्यादातर संत समाज के लोग महाकुंभ में गए हुए हैं और जैसे ही महाकुंभ समाप्त होगा तो संत समाज इस जमीन को लेकर एक बड़ा आंदोलन करेगा वही 19 तारीख की महापंचायत को भी सफल बनाने की घोषणा की गई है। संतों का कहना है कि जो जमीन कर्मचारियों ने अपना एक दिन का वेतन देकर मंदिर और धर्मशाला के लिए खरीदी थी तो उसमें मंदिर और धर्मशाला का ही निर्माण होना चाहिए कुछ लोग मंदिर और धर्मशाला की जमीन को कब्जा कर बेचना चाहते हैं ऐसा हरगिज नहीं होने दिया जाएगा