नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप,
सभासद ने की सहारनपुर कमिश्नर से शिकायत
मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अधिशासी अधिकारी
डा० प्रज्ञा सिंह पर नगर पालिका परिषद के ही सभासदों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। सभासद राजीव शर्मा ने मंडलायुक्त सहारनपुर अटल कुमार राय को शिकायत करते हुए नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है शिकायत में बताया गया कि पालिका के द्वारा छोड़ जाने वाले पार्किंग ठेको को न छोड़कर और उनमें से सिर्फ दो ठंकेदारो के साथ मिलकर उन्हे लाभ देते हुए और अपना स्वार्थ सिद्ध करते हुए लगभग पालिका को 50 लाख के राजस्व की हानि पहुंचने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की गई है
सभासद राजीव शर्मा का कहना है कि नगर पालिका परिषद मुज़फ्फरनगर के पार्किंग सम्बन्धित ठेके व अन्य वसूली ठेके निलामी द्वारा दिये जाने का प्रचलन नगर पालिका में चला आ रहा था, इन ठेको की निलामी के लिये ऐसा जानकारी में आया है कि ठेको की निलामी से सम्बन्धित पत्रावली पटल से तैयार होकर अधिशासी अधिकारी डॉ० प्रज्ञा सिंह के आदेश हेतु फाईल उनके पटल पर उनके सम्ममुख प्रस्तुत हो गयी थी परन्तु डॉ० प्रज्ञा द्वारा लालच के वसीभूत उक्त पत्रावली को एक माह से अधिक अपने पास रखते हुये समय पूरा करने की नियत से बिना किसी आदेश के अपने पास रखी और मान्यवर किसी डर या भय के राजस्व का नुकसान होगा फिर मार्च माह 2025 के लास्ट में उक्त फाईल पर यह आदेश करते हुये कि इस बार खुली बोली न कर ई निविदा होगी, ये आदेश प्रदान किये ।
सभासद राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के द्वारा ई-निविदा की शर्ते ही ऐसी बनायी जा रही हैं जो एक नये व्यक्ति नही ले पायेगा जो डॉ० प्रज्ञा की मंशा के अनुरूप होगा। मान्यवर जिसे डॉ० प्रज्ञा चाहेंगी उसे ही टेण्डर मिलेगा, जबकि ई-निविदा का फैसला लेने का अधिकार नितिगत है, जो बोर्ड में पारित होना था।
जिसको लेकर मंगलवार को नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की बोर्ड की बैठक में भी काफी हंगामा हुआ राजीव शर्मा ने नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी डॉक्टर प्रज्ञा सिंह से इस बाबत जानकारी चाहिए तो दोनों के बीच बहस हो गई और अधिशासी अधिकारी ने ई ट्रेडिंग का हवाला देकर अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर ही आरोप लगा दिए कि उनके पास फाइल समय से नहीं भेजी गई।
वही अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र सिंह का कहना है कि सभासद राजीव कुमार के द्वारा कमिश्नर सहारनपुर मंडल को नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर में अनियमितता की शिकायत भेजी गई थी जिसके लिए कमिश्नर महोदय के द्वारा टीम गठित की गई जिसमें जांच की जा रही है।