पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को राजकीय सम्मान न मिलने से नाराज जाट समाज ने दी ये चेतावनी ,

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को राजकीय सम्मान न मिलने से नाराज जाट समाज ने दी ये चेतावनी ,

जाट महासभा ने कहा सत्यपाल मलिक के अपमान का बदला लिया जाएगा

मुजफ्फरनगर : मेघालय , जम्मू कश्मीर , गोवा, उड़ीसा और बिहार सहित पांच राज्यों में गवर्नर और केंद्र में मंत्री, सांसद राज्यसभा सांसद और विधायक रहे जाट नेता सत्यपाल मलिक कॉल लंबी बीमारी के बाद पिछले दिनों निधन हो गया और इतने संवैधानिक पदों पर रहने के बाद पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को राजकीय सम्मान ना देना इस समय देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है जहां एक और सत्ता रूढ़ भारतीय जनता पार्टी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं तो वहीं संपूर्ण विपक्ष ने उनके अंतिम संस्कार में पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी इसके साथ ही समस्त विपक्ष ने यह भी मुद्दा उठाया कि इतने संवैधानिक पदों पर रहने के बाद जिस तरह से केंद्र और राज्य सरकारों के द्वारा सत्यपाल मलिक का अपमान किया गया है

उन्हें राज्य के सम्मान नहीं दिया गया यह एक शर्मनाक घटना है। जिसमें अब जाट महासभा भी नाराज दिखाई दे रही है उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में जाट महासभा के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान ने भारतीय जनता पार्टी को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह अपमान जाट समाज सहन नहीं करेगा और इसका जवाब जरूर देगा मीडिया से बात करते जाट नेता धर्मवीर बालियान ने कहा कि मलिक साहब के साथ जो भारतीय जनता पार्टी ने किया निश्चित ही वह इसे भुगतना पड़ेगा समय ज्यादा दूर नहीं है 2027 आ रहा है और जाट समाज इस चीज को भूलेगा नहीं जब तक उनका उसे किया गया तो उसे कर लिया इनका तो वह काम हो रहा है की पूरी जवानी कामले का और बुढ़ापे में जिस तरह परिवार में एक तरफ डाल दिया जाता है वह काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है। सम्मान कोई भी नहीं मांग रहे थे सम्मान उनके अधिकार था क्योंकि उनकी जो जन सेवा रही है वह केंद्र में मंत्री रहे हैं राज्यसभा के सदस्य रहे हैं लोकसभा के सदस्य रहे विधानसभा के सदस्य रहे और चार-चार राज्यों के राज्यपाल रहे वह उनका अधिकार था राजकीय सम्मान मिलना लेकिन इन्होंने अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दिया है जाट समाज में इस बात को लेकर रोष है और निश्चित ही इस चीज को समाज भूलेगा नहीं कहीं ना कहीं पार्टी को यह नजर भी आएगा चुनाव भी एक ऐसी चीज है जिसमें वोट से चोट दी जा सकती है

निश्चित ही समाज इसमें बदला लेने का प्रयास करेगा और आगे याद रहेगा कि अपमान अपने जाट का किया था उसके बदले क्या खाया है इस पार्टी ने.. प्रोटोकॉल कहता है कि एक पार्लियामेंट मेंबर भी हो उसे भी राजकीय सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने घटिया मानसिकता दिखाई उन्हें राजकीय सम्मान तो दिया ही नहीं बल्कि जब वह बीमार अस्पताल में भर्ती थे तब भी उनके पीछे सीबीआई लगाई गई क्या उसे सीबीआई को कुछ मिला है उनके पास उनके गांव में एक टूटा हुआ मकान एक बक्सा एक चेयर वह भी घूम फिर कर खुलकर सामने आ गया एक ईमानदार आदमी के साथ इन्होंने जो किया है उसके लिए इन्हें भरना पड़ेगा आज नहीं तो कल भरना पड़ेगा सतपाल मलिक निडर आदमी थे एक सच्चे आदमी थे उन्होंने किसानों का साथ दिया मरने से पहले भी उन्होंने खुली चिट्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने कहा कि मेरे जाने के बाद मुझे नहीं पता कि कल क्या रहे मैं इसलिए जनता के बीच अपना खुला पत्र लिख रहा हूं जो जो सच्चाई है वह इस पत्र में लिख रहा हूं वह सरकार के पास भी है और आम नागरिक के पास भी है किस नहीं पता कि सरकार ने उनके साथ क्या किया और किसानों के साथ क्या किया यही है कि उन्होंने किसानों का साथ दिया देश के पहलवानों का साथ दिया या गरीब का साथ दिया मजदूर का साथ दिया अगर इनका साथ देना इतना गलत है तो फिर यह गलती तो हम जैसे भी जरूर करेंगे अगर गरीबों की आवाज उठाना गलत है तो इस आवाज को हम उठाएंगे। सत्यपाल मलिक ने चौधरी चरण सिंह जी के चरणों में बैठकर राजनीति कर रखी है और वह झुके भी नहीं यही भारतीय जनता पार्टी को दुख है उनके हाथों जो झुक गया जो उनकी बात कहता है इनकी बातों में हां में हां मिलता रहे तो तो उनके और जो सही को सही कह दे तो वह उनके दुश्मन है । पिछले 10 सालों से देश में क्या हो रहा है जो कितना ही बड़ा अपराधी हो अपराध करके उसने भाजपा अगर ज्वाइन कर ली तो उसके सभी पाप धुल जाते हैं गंगा जी नहा जाता है अर्जुन की गलती को गलती कह देगा वह इनका दुश्मन हो जाएगा। चौधरी चरण सिंह ने और मलिक साहब ने जो किया जो वादा किया उन्होंने कहीं नहीं झुकने का का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि मैं गलत काम के लिए झुकूंगा नहीं और वह झुके नहीं और जाट की यही पहचान है कि जाट गलत चीज के लिए ना सहमत होता और ना ही झुकता टूट तो सकता है पर झुक नहीं सकता और वही मलिक साहब ने किया इसके लिए जो घटिया मानसिकता थी भारतीय जनता पार्टी ने उसका परिचय दिया एक राज्य के सम्मान ना की कोई भीख मांग रहे थे यह उनका अधिकार था प्रोटोकॉल में उन्हें मिलना चाहिए था लेकिन इन्होंने नहीं दिया तो जाट समाज बहुत बड़ा समाज है तो समाज आदर करना जानता है समाज ने उन्हें पूरा सम्मान दिया है

 

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