पांच राज्यों के पूर्व गवर्नर रहे सत्यपाल मलिक निधन को लेकर मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक का बड़ा बयान

मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर सांसद नरेंद्र मंडी के लिए कहा कि यह शासन की मर्जी है इसमें हम क्या कर सकते हैं। सरकार ने जो परंपरा थी उसे परंपरा को तोड़ा है उन्होंने कहा कि यह तो रोज परंपराओं को तोड़ते हैं उन्होंने व्यंग्य करते हैं कहा कि यह देश है खाता ना वही जो यह कर दे वैसे ही। दुखद तो है ही मगर यह परंपरा भी गलत डाल दी उन्होंने आज उनके साथ है कल को दूसरों के साथ होगा और हिंदुस्तान का भी परंपरा रही है कि करने के बाद सब दुश्मनी खत्म हो जाती है और बुराइयों को छोड़कर उनकी अच्छाई याद रहती है आदमी में बुराई भी हो लेकिन जब वह स्वर्गवासी हो जाता है
तो उनको गांव के लोग हमारे यहां सभी जाते हैं उसके अंतिम संस्कार में। संसाधन मलिक ने उड़ाशा किया कि आरएमएल हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट तो उनकी डेड बॉडी उठाकर फेंकने की बात कर रहे थे की उठकर बाहर रखो उसे उन्होंने कहा कि हम लोगों ने कहा कि जब उसका बेटा आ जाएगा तब उठा कर ले जाएंगे हालांकि भारतीय जनता पार्टी के नरेश सिरोही जी ने आरएलडी के राजकुमार सांगवान ने किसान यूनियन के युद्ध वीर सिंह हम सभी लोगों ने कांग्रेस के भी थे दीपेंद्र हुड्डा भी थे सभी ने कहा मगर पर MS मानने को तैयार नहीं था वह तो प्रधानमंत्री जी का जब शोक संदेश आया तो उसके बाद तब उन्हें लगा कि इसे रोक ले सब्जी ऐसी मानसिकता बन गई है उसमें प्रधानमंत्री जी के ट्वीट के बाद एम एस ने कहा कि ठीक है सुबह ले जाना लड़के के आने के बाद
उन्होंने कहा की मैं केवल किस की बात कर रहा हूं मैं अकेले जाट की बात नहीं कर रहा हूं किस को खुद्दार कम होती है वह परिश्रम करता है और परिसर में लोग खुद्दार होते हैं एक सीमा तक दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को नाराजगी नहीं होगी लेकिन यह जरूर है कि गलत हो रहा है करने के बाद सभी को संवेदना देते हैं श्रद्धांजलि देते हैं। वह तो उनके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे हैं।