मुजफ्फरनगर में निर्माणधीन मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को एमडीए विभाग ने किया सील
ग्रामीणों ने कहा जब तक तोड़ेंगे नहीं छोड़ेंगे नहीं

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में थाना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में निर्माणधीन मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर निर्माण के समय से ही संकट के बदले उसे समय छा गए थे जब ग्रामीणों ने इस फैक्ट्री का निर्माण होते-होते ही विरोध कर दिया जिसमें फैक्ट्री का निर्माण तो आधार में लटक ही गया बल्कि अब उसमें उसे समय नया मोड़ आ गया जब मुजफ्फरनगर विकास पुराधिकरण की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री का निरीक्षण किया और फिर उसे सील कर दिया।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्माणधीन मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर सील लगाए जाने के बाद जहां एक और ग्रामीण खुश नजर आ रहे हैं। क्योंकि ग्रामीणों का कहना है कि इस फैक्ट्री के चालू होने के बाद क्षेत्र में बीमारी पनप जाएगी इसी आशंका के चलते पिछले दो महीने से गांव चांदपुर के ग्रामीण इस फैक्ट्री के विरोध में धरने पर बैठे थे जिसमें ग्रामीणों द्वारा इस फैक्ट्री का निर्माण रुकवाने के लिए मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक और उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के अलावा विभिन्न नेताओं के दरबार में पहुंचकर गुहार लगाई जा चुकी है
पिछले दिनोंसांसद हरेंद्र मलिक ने भी इस फैक्टरी पर पहुंचकर इसके निर्माण का विरोध किया था। हालांकि आज फैक्ट्री के सील होने के बाद ग्रामीण कह रहे हैं कि अभी उनकी लड़ाई अधूरी है फैक्ट्री सील जरूर हुई है लेकिन वह संतुष्ट नहीं है ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तोड़ेंगे नहीं छोड़ेंगे नहीं।
फैक्ट्री को लेकर ग्रामीण आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है ग्रामीणों का कहना है कि पहले रुद्र की फैक्ट्री के नाम से बोर्ड लगाकर इस फैक्ट्री का निर्माण किया गया और उसके बाद जब फैक्ट्री की चिमनी तैयार हो गई तो तब ग्रामीणों को पता चला कि यह की फैक्ट्री नहीं है जिसके बाद की फैक्ट्री के बोर्ड की जगह रुद्र मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का बोर्ड लगा दिया गया इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और लगभग 3 महीने से ग्रामीण इसी फैक्ट्री के निर्माण के विरोध में धरने पर बैठे हैं जिसमें मंगलवार को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की टीम ने बगैर परमिशन निर्माण के चलते फैक्ट्री पर सील लगा दी है।