मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार तेवतिया के समर्थन में आई हिंद मजदूर किसान समिति
हिंद मजदूर किसान समिति के मीडिया प्रभारी अमित सिंह के आवास पर हुई बैठक में महिला आयोग की सदस्या संगीता जैन के द्वारा किए गए कार्य की की हुए निंदा 
मुजफ्फरनगर : मंगलवार को हिन्द मजदूर किसान समिति के मीडिया प्रवक्ता अमित सिंह के आवास पर बैठक आयोजित हुयी जिसमें उन्होंने एक बयान जारी करते हुये कहा कि रविवार दिनांक 23 नवम्बर को मुजफ्फरनगर के सी.एम.ओ. डा. सुनील तेवतिया के बिजनौर के चांदपुर स्थित आवास पर उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन द्वारा की छापेमारी असंवैधानिक है। डाक्टर को हमारे समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है। किसी भी डाॅक्टर द्वारा उसके मरीज का इलाज असंवैधानिक कैसे हो सकता है ?.. अगर कोई मरीज सड़क पर दर्द से तड़प रहा हो तो कहीं का भी डाक्टर हो वो वहां उसका इलाज करता है। जहां तक बात है । डाॅ. सुनील तेवतिया जी की उन पर ये आरोप लगाया गया कि वे बिजनौर में प्राईवेट क्लीनिक चलाते हैं जबकि वो क्लीनिक उनकी पत्नी का है और जिस दिन वे उस क्लीनिक पर मौजूद थे वो जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर की अनुमति सेे अपने घर गये हुये थे। सरकारी अस्पताल की समय सारणी के नियमों का पालन करने के बाद अगर कोई डाॅक्टर किसी मरीज की सेवा कर रहा है तो ये असंवैधानिक कैसे हो सकता है?
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नियम विरूद्ध एक प्रतिष्ठित डाॅक्टर के निजी आवास पर छापेमारी कर माहौल खराब करने का प्रयास किया, डाॅ. सुनील तेवतिया की छवि धूमिल करने का प्रयास किया, योगी सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया। संगीता जैन के साथ गये उन पुलिसकर्मियों के पास क्या कोई वारेंट या अन्य सरकारी समन था यदी नहीं तो उन पुलिसकर्मियों को एक सम्मानित डाॅक्टर का अपमान करने के आरोप में तुरन्त निलंबित किया जाये। हम केन्द्रीय महिला आयोग से भी ये निवेदन करते हैं कि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन की भी जांच हो कि कहीं उनकी डाॅक्टर सुनील तेवतिया से कोई व्यक्तिगत रंजिश तो नहीं थी जो बिना किसी अधिकार के भी संगीता जैन एक प्रतिष्ठित डाॅक्टर के घर छापा मारने पंहुच गयी और बिना किसी साक्ष्य के उनपर इतना गंभीर आरोप लगाया। महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन और उनके साथ गये पुलिसकर्मियों की ये हरकत शर्मनाक है संगीता जैन अपने इस कृत्य पर माफी मांगे साथ ही हम उत्तर प्रदेश सरकार से ये भी मांग करते हैं कि किसी भी गैर जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसे किसी भी संवैधानिक पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। सरकार इस घटना पर तुरंत कार्यवाही करे और जांच के उपरान्त यदि पुलिस की इसमें कोई संदिग्धता पायी जाती तो उन्हें भी तुरंत निलंबित किया जाये।
इस अवसर पर विकास, पंकज, धीर सिंह, शैलेन्द्र, नवीन, अरविन्द, सुनील, रविकान्त, प्रवीन, तपेन्द्र इत्यादि उपस्थित रहे।