7 दिसंबर को तीर्थ नगरी शुकतीर्थ होगा सनातन धर्म संसद, हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र और सनातन बोर्ड गठन करने की उठेगी मांग

देश में पहली बार सनातन धर्म संसद हनुमत धाम, शुकतीर्थ में सात दिसंबर को होगी। जिसके लिए हिन्दु संघर्ष समिति युद्ध स्तर पर तैयारिया कर रही है। जिसे हर स्तर पर पूरे देश से समर्थन मिल रहा है।
रेशू विहार में हिन्दु संघर्ष समिति ने सत्यप्रकाश रेशू के निवास पर प्रेस को संबोधित किया। जिसमें बताया कि सात दिसंबर को सनातन धर्म संसद में भारत सरकार के राज पुरोहित डॉ0 सीतारमण रमा शास्त्री पूरे देश से महामण्डलेश्वर, पूज्य सन्त, विचारक, लेखक, कवि, पत्रकार, कार्यकर्ता, समाजसेवी, देश भक्त, उद्यमी, किसान, मजदूर आदि हर वर्ग से उपस्थित रहेगे। सनातन धर्म संसद का दीप प्रज्वलन, शंख वादन, मंत्रोच्चारण की साथ प्रातः 10 बजे रविवार को शुभारंभ होगा।
संत श्री चन्द्रमा ब्रह्मचारी ने कहा कि भारत देश अब हिन्दु राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है। समाजसेवी देवराज पंवार ने बताया कि गांव-गांव जाकर सनातन धर्म संसद को सफल बनाने के लिए अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त किया जा रहा है। हिन्दु संघर्ष समिति के संयोजक नरेन्द्र पंवार ने कहा कि लगभग 38 हिन्दु संगठनो का समर्थन तन-मन-सनसाधनो से मिल रहा है। संरक्षक ललित मोहन शर्मा ने कहा कि एकता में शक्ति है। इसलिए सनातन धर्म संसद में बड़ी संख्या में पूरे देश से समर्थक पहुंचेगे। अमित गुप्ता ने बताया है कि देश को अराजकता से बचाना ही हम सबका धर्म है।
अरूण प्रताप ने बताया कि देश को आतंकवाद से बचाकर चहुँमुखी विकास ही सनातन धर्म संसद का उददेश्य है। सत्यप्रकाश रेशू ने कहा कि बाहर से आने वालो के रहने, खाने, आने-जाने, सुरक्षा, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था युद्ध स्तर पर चल रही है। शासन प्रशासन को एलआईयू के माध्यम से जानकारी दे दी गई है। शीघ्र ही उच्च अधिकारियो को भी सम्पर्क किया जायेगा। रेशू ने यह भी कहा कि देश में घर वापसी, सबका साथ-सबका विकास, कौशल विकास, नारी उत्थान, देशभक्ति, आतंकवाद का खातमा, गौमाता राष्ट्रमाता, सनातन बोर्ड का गठन, जनसंख्या नियंत्रण, मुजफ्फरनगर का नाम लक्ष्मीनगर आदि ही सनातन धर्म संसद का उददेश्य है।
हिन्दु संघर्ष समिति के बेनर तले 38 संगठनो के पदाधिकारी कार्यकर्ता बनकर सात दिसंबर के सनातन धर्म संसद को सफल बनाने में लगे है। जिससे शुकतीर्थ में इसी प्रकार के देश भक्ति कार्यक्रम निरंतर होते रहे। समिति का मानना है कि आजादी आन्दोलन की तरह आने वाली नई पीढ़ी को देश के चहुँमुखी विकास से जोड़ना है। ताकि भारत विश्व महाशक्ति बन सके। जिसके लिए सनातन धर्म संसद सात दिसंबर को शुकतीर्थ में जरूरी है।
प्रेस वार्ता में सभी से विशेष आवाहन किया गया कि सनातन धर्म संसद को अपना मार्ग दर्शन निरन्तर देते रहे। ताकि देश के अन्तिम छोर तक सनातन का विकास हर क्षेत्र में होता रहे व देश बढ़ता रहे। सुविधाए 24×7 उपलब्ध रहे। किसी भी प्रकार का देश विरोधी काम कोई ना कर सके। कानून भक्ति से देश के विकास में काम करे। यही सनातन धर्म संसद का उददेश्य है। जो सात दिसंबर को शुकतीर्थ में पूरा होगा। जिसका विगुल पूरे देश में बज चुका है़। सभी को आना है। अपनी साथ ओरो को भी लाना है।