इंसानियत के नाते तरन्नुम को न्याय की लड़ाई में समाजसेवी मनीष चौधरी के साथ खड़ी हुई जमियत उलेमा

इंसानियत के नाते तरन्नुम को न्याय की लड़ाई में समाजसेवी मनीष चौधरी के साथ खड़ी हुई जमियत उलेमा

मुज़फ्फरनगर : पति द्वारा निकाह जिहाद चला रहे कुछ मौलवियों के बहकावे में आकर दूसरा निकाह कर लिये जाने से पीड़ित महिला तरन्नुम को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष समाजसेवी मनीष चौधरी को इंसानियत की इस पैरोकारी में जमियत उलेमा ए हिंद का भी समर्थन मिला है। महिला सम्मान की खातिर उनके संघर्ष की सभी ने प्रशंसा की और जल्द ही महिला को ससम्मान न्याय दिलाने की संभावना भी प्रबल हो गई हैं।
शामली निवासी तरन्नुम का विवाह वर्ष 2015 में मुजफ्फरनगर जनपद के गांव सांझक के एक युवक से हुआ था। दंपति के तीन बच्चे हैं और यह परिवार बीते कुछ समय से शहर के मोहल्ला अंबा विहार में किराए के मकान में रह रहा है। तरन्नुम ने आरोप लगाया है कि उसके पति का दूसरा निकाह कराए जाने में बुढ़ाना की बिलाल मस्जिद के कुछ मौलवियों की भूमिका रही, जिसके संबंध में उसने पुलिस में शिकायत भी की, परंतु उसकी सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित तरन्नुम ने अपनी व्यथा राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी को बताई और न्याय की मांग की।
मनीष चौधरी ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री तक पीड़िता की व्यथा पहुंचाने का काम करने के साथ ही 9 दिसम्बर को बुढ़ाना की बिलाल मस्जिद पर मौलवियों के खिलाफ बेमियादी आंदोलन और हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान कर दिया। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर सोमवार को मोहल्ला अंबा विहार में दोनों पक्षों की एक बैठक हुई। मनीष चौधरी के अनुसार, पीड़िता को न्याय दिलाने के प्रयास में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी फोन द्वारा सहयोग का आश्वासन दिया है। मनीष चौधरी ने कहा कि हम केवल एक महिला के साथ हुई कथित नाइंसाफी के खिलाफ इंसानियत के नाते खड़े हुए हैं। हमें खुशी है कि समाज के विभिन्न वर्ग इस मामले में न्याय की मांग के समर्थन में सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद, तहसील बुढ़ाना के पदाधिकारी मौलाना शुऐब आलम ने भरोसा दिलाया है कि महिला को न्याय दिलाने में उनका मैं और मेरा संगठन साथ खड़ा रहेगा और युवक को वापस उसके परिवार के पास भेजने को लेकर सकारात्मक बातचीत चल रही है। उनके आश्वासन के बाद संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा है कि कल दिन मंगलवार को 11:00 बजे तक यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिलता है तो मस्जिद पर पंचायत, प्रदर्शन का निर्णय कायम रखा जायेगा। और 12:00 बजे साँझक गांव से ही पीड़ित को साथ लेकर बुढ़ाना बिलाल मस्जिद के लिए प्रस्थान किया और वहीं पर ही आगे का निर्णय होगा बैठक में युवक के पिता तौहीद अहमद, तथा महिला के पिता शकील अहमद ने भी सहमति व्यक्त की और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। इस दौरान भारत लोक सेवक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केपी चौधरी, रियाजुद्दीन, आरिफ, जाकिर, नसीबुद्दीन, नौशाद, हाफिज साजिद, शेर अली, हारून, रिजवान, गुलजार, मुस्तकीम, मेहरबान, मुबीन समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।

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