आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल में 10 मीटर शूटिंग रेंज लक्ष्यशाला का शुभारंभ

आज स्थानीय आर्य एकेडमी इंटरनेशनल स्कूल ए 2 जेड रोड मुजफ्फरनगर में स्थापना दिवस के अवसर पर लक्ष्यशाला (10 मीटर शूटिंग रेंज) का शुभारंभ किया गया संस्था के प्रेरणा स्रोत स्वर्गीय चौधरी इलमचंद आर्य जी की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर संस्कार शाला में देव यज्ञ का आयोजन हुआ जिसके यज्ञमान देवराज आर्य सहपत्नी रहे । यज्ञ के ब्रह्मा तेजस मुनि रहे, सुश्री मृदुला आर्य ने सस्वर वैदिक मन्त्रोचार के द्वारा पुनीत यज्ञ कार्य संपन्न कराया।
यज्ञ के उपरांत नवनिर्मित भवन लक्ष्यशाला (10 मीटर शूटिंग रेंज) का विधि विधान के साथ अशोक बालियान तथा तेजस मुनि ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। कार्यक्रम के मुख्या अतिथि श्री अंकुर दुआ (मुज़फ्फरनगर बुलेटिन) के प्रधान संपादक रहे । एकेडमी की छात्राओं द्वारा स्वागत गान एवं वाद्य यंत्र प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, इसके पश्चात अतिथियों ने विभिन्न शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक क्षेत्र में स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जिसमें विशेष रूप से कक्षा में प्रथम द्वितीय तृतीय, दैनिक उपस्थिति, सर्वश्रेष्ठ कलाकार, सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ सुद्धारित छात्र, सर्वाधिक सहानुभूतिशील छात्र, विशिष्ट प्रतिभा में जिला एवं राज्य स्तर पर स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं तथा समर्पित माता-पिता पुरस्कृत किए गए। इसके साथ-साथ स्पेल बी एवं राष्ट्रीय ओलंपियाड SOF के पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक बदलता दौर बिखरते रिश्ते कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा । जिसके बारे में प्रधानाचार्या श्रीमती सोनिका आर्य ने विस्तार से बताते हुए बच्चों को मोबाइल से दूर एवं अभिभावकों को उनके साथ रहने व उन्हें समझने के लिए प्रेरित किया । साथ ही संस्था के चैयरमेन डॉ सत्यवीर आर्य जी एवं अध्यक्ष राजकुमार वर्मा ने सभी उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
अपने आशीष रूपी उद्बोधन में डॉ राधा मोहन तिवारी, संदीप शर्मा, सहदेव आर्य एवं डॉ राजीव कुमार ने सभी उपस्थित अभिभावकों को संस्कार परक शिक्षा की ओर प्रेरित किया तथा आर्य एकेडमी इस ओर विशेष ध्यान दे रहा है इसकी उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि अंकुर दुआ ने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारमय जीवन जीने की कला के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव एडवोकेट सुघोष आर्य ने सभी उपस्थित अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।