लिसाढ़ गांव में गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक की चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया 

लिसाढ़ गांव में गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक की चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया 

एक गोत्र और वंश के व्यक्ति आपस में भाई-बहिन होते है और उनके मध्य विवाह सम्बन्ध वर्जित होता है

सामाजिक विचार विमर्श को लेकर जल्द गठवाला खाप की पंचायत का निर्णय बाबा श्याम सिंह

शामली- मंगलवार 20 मई को बाबा हरिकिशन जी की चौथी पुण्य तिथि पर यज एवं सभा का आयोजन बाबा राजेंद्र सिंह मलिक  के आवास लिसाढ में किया गया।

इस दौरान मौके पर मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक, मोहित बेनीवाल सदस्य विधान परिषद, तेजेन्द्र निर्वाल पूर्व विधायक
भाकियू (अ) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक,  अशोक बालियान,  वरुण मलिक, हरवीर मलिक,  दुष्यंत मलिक, धर्मवीर सिंह धामा खाप के चौधरी जितेन्द्र खेकड़ा, धनकड खाप के बिजेंद्र निनाना, दांगड खाप चौधरी विनोद कॅप्टन, खोकर खाप से सुभाष चौधरी, चौहान खाप चौधरी विवेक रामाला, जयपाल तोमर थांबेदार बावली, ब्राजपाल तोमर थांबेदार बड़ौत, आजाद मलिक थांबेदार पूरा महादेव,ईश्वर मलिक थांबेदार खरड बाबा श्याम सिंह थांबेदार बहावडी सहित सैकड़ों गणमान्य महानुभावों द्वारा लिसाढ़ गांव में बाबा हरिकिशन मलिक की पुण्यतिथि पर दिनांक 20-05-2025 को उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया गया।

किसान नेता अशोक बालियान ने कहा कि गठवाला खाप के बाबा चौधरी हरिकिसन मलिक ने किसान आन्दोलन में लम्बे समय अपनी भूमिका निभाई थी, इसलिए उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि बाबा सादगी,त्याग, तपस्या की मूर्ति थे। इसका उदाहरण है कि भारतीय किसान यूनियन में उन्होंने अपना बराबर का योगदान दिया लेकिन कभी किसी पद पर कार्य नहीं किया। जीवन के अंतिम समय में भी उन्होंने स्पष्ट वाणी से राजनैतिक दलों के लोगों को आईना दिखाया
बाबा जी का सामाजिक योगदान हमेशा याद रहेगा
सर्वखाप मंत्री सुभाष चौधरी ने कहा कि बाबा की जीवन संघर्ष की गाथा है उन्हें हमेशा इतिहास के पन्नों में याद किया जाएगा। वह एक मजबूर और साहसी खाप के चौधरी थे। सामाजिक निर्माण में मलिक खाप का मह्त्वपूर्ण स्थान है

गठवाला मलिकों के हरियाणा के जनपद रोहतक में व् जनपद सोनीपत में 42 गांव, जनपद जीन्द में 12 गांव, जनपद हिसार में 7 गांव है उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में 52 गांव, मेरठ में 3 गांव हैं। उत्तरप्रदेश अन्य जनपदों में भी मलिकों के कुछ गांव हैं।
गठवाला गोत्र के लोगों हरियाणा में गोहाना के पास अपने पूर्वज हुलराम के स्थान पर हुलोणा ग्राम बसाया था। जिला मुजफ्फरनगर में गठवाला खाप रोहतक-सोनीपत में निवास करने वाली गठवाला खाप के बाद सर्वाधिक महत्त्व रखती है। इस गोत्र का हरियाणा के मुखिया दादा बलजीत सिंह मलिक है और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में बसी गठवाला खाप के मुखिया चौधरी हरिकिशन सिंह मलिक थे। इनके बाद परम्परा के अनुसार इनके पुत्र चौधरी राजेन्द्र मलिक को इस खाप के मुखिया की पगड़ी बाँधी गयी थी।
पुराने समय में समाज में सामाजिक व्यवस्थाओं को बनाये रखने के लिए परिवार के बड़े सदस्य को सर्वोच्च मुखिया के रूप में स्वीकार किया था और आगे चलकर समाज जब बढ़ गया, तब उस समहू में एक परंपरागत चौधरी बनने की परम्परा की शुरुआत हुई, जिसको खाप चौधरी कहा जाने लगा था। इस प्रकार खाप द्वारा सामाजिक व्यवस्था चलाने का चलन शुरू हुआ था।
भारत में मान्यताओं के अनुसार सप्त ऋषि के नामों के आधार पर ही चारों वर्णों के लोगों के गोत्र माने जाते हैं। गोत्रों के आधार पर भी वंशों का विकास हुआ। सामान्य रूप से गोत्र का मतलब कुल अथवा वंश परंपरा से है। जाटों में गोत्र पितृवंशीय होता है। एक गोत्र और वंश के व्यक्ति आपस में भाई-बहिन होते है और उनके मध्य विवाह सम्बन्ध वर्जित होता है।
बाबा राजेंद्र सिंह मलिक ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सहयोग की अपेक्षा की

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