पुलिस ने जंगल से कीमती सरकारी वृक्षों को काटकर चोरी करने वाले 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 1 अवैध तमंचा, कारतूस, 86,000/- रूपये की नगदी एक कुल्हाडी, 1 लोहे का आरा , 3 मोबाईल व घटना में इस्तेमाल की गई 1 कार बरामद

मुजफ्फरनगर : थाना मीरापुर क्षेत्र के गांव कासमपुर के जंगल में चोरों द्वारा 23 जून 2025 को सरकारी व कीमती वृक्षों को काटकर लकडी की चोरी की गयी थी जिसमें खैर के वृक्ष भी थे। इस घटना के सम्बन्ध में क्षेत्रीय वन अधिकारी जानसठ रेन्ज ने थाना मीरापुर पर मुकदमा अपराध संख्या- 129/25 धारा 303(2) बीएनएस व 56 भारतीय वन अधिनियम में दर्ज कराया गया था । इस मुकदमे में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था। वन विभाग व मीरापुर पुलिस द्वारा दिनांक 28 जून 2025 को जंगल में छिपा कर रखी गयी 105 कुन्टल कीमती लकडी को बरामद किया गया था।
वहीं 16 अगस्त 2025 को थाना मीरापुर पुलिस टीम सम्भलहेडा नहर पर जटवाडा नहर पटरी पर संदिग्ध व्यक्ति व वाहनों की चैकिंग कर रही थी इसी दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार आती हुई दिखाई दी जिसे पुलिस टीम द्वारा चैकिंग हेतु रूकने का इशारा किया गया परन्तु कार चालक द्वारा कार को चैकिंग हेतु न रोककर वापस मुडकर भागने का प्रयास किया गया।
पुलिस टीम द्वारा कार में सवार 5 लोगों का भागने का मौका दिये बिना एकबारगी दबिश देकर मौके पर ही पकड लिया गया। पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपियों के कब्जे से 1 अवैध तमंचा 315 बोर मय 2 जिन्दा कारतूस 315 बोर व 86,000/- रूपये नगद, एक कुल्हाडी, 1 लोहे का आरा , 3 मोबाईल व घटना में प्रयुक्त 1 स्विफ्ट कार बरामद की गयी। पकड़े गए आरोपियों में अंकित कुमार पुत्र करताराम निवासी हबीबपुर कूडी थाना लक्सर जनपद हरिद्वार, उत्तराखण्ड, दीपक वर्मा पुत्र सतीशचन्द्र निवासी खाई खेडी थाना पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, आसिफ पुत्र जहूर हसन निवासी कम्हेडा थाना पुरकाजी, मुजफ्फरनगर , राजू पुत्र रघुवीर निवासी ग्राम सीकरी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर, अनिल कुमार पुत्र सतपाल निवासी सीकरी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर शामिल है।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि हमारा एक संगठित गिरोह है तथा हमारे द्वारा जंगल से कीमती सरकारी वृक्षों को काटकर चोरी करने का कार्य किया जाता है। हमलोग जंगल से खैर जैसे कीमती पेडों को काटते है तथा इन्हे बेचकर अवैध आर्थिल लाभ अर्जित करते हैं।
हमारे द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ग्राम कासमपुर के जंगल से खैर व अन्य पेडों को काटकर चोरी किया गया था। चोरी की गयी कुछ लकडी को हम ले गये थे तथा शेष लकडी को हमने जंगल में छिपा दिया था। हमारे पास से बरामद रूपये उन्ही चोरी की गयी लकडी को बेचकर अर्जित किये गये रूपयों में से बचे हुए रूपये हैं। आज हम फिर इसी प्रकार जंगल से कीमती वृक्षों को चोरी करने के इरादे से आये थे कि पुलिस द्वारा हमें पकड लिया गया।
अभियुक्तगण द्वारा कीमती सरकारी वृक्षों को काटकर चोरी करना तथा बेचना स्वीकार किया गया।