धूमधाम से संपन्न हुआ जिला आर्य प्रतिनिधि सभा मुजफ्फरनगर व आर्यसमाज शहर मुजफ्फरनगर का वार्षिक उत्सव

धूमधाम से संपन्न हुआ जिला आर्य प्रतिनिधि सभा मुजफ्फरनगर व आर्यसमाज शहर मुजफ्फरनगर का वार्षिक उत्सव 

आर्य समाज सम्मेलन में बोलीं साध्वी प्राची अगर धर्म बचाना है तो कट्टर बनना होगा 

हिंदुस्तान को हिन्दुस्त घोषित करना चाहिए

 

मुजफ्फरनगर : आज जिला प्रतिनिधि सभा का वार्षिक उत्सव धूमधाम से आर्य समाज शहर परिसर में धूमधाम से मनाया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र आर्य  के द्वारा की गई साथ ही मंच का संचालन जितेंद्र सिंह के द्वारा किया गया
वर्षों के बाद आर्य समाज के कार्यक्रमो में भारी भीड़ देखी जा रही है प्रातः 8.30 बजे से हवन यज्ञ से प्रारंभ हुआ कार्यक्रम शाम 5 बजे तक संचालित रहा कार्यक्रम के समापन तक बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में डटे रहे
हवन यज्ञ मेनपाल आर्य  के नेतृत्व में संपन्न हुआ

कार्यक्रम में मुख्यरूप से कुंवर बृजेश सिंह राजमंत्री लोक निर्माण विभाग, सांसद चंदन चौहान, राकेश शर्मा राष्ट्रीय सचिव समाजवादी पार्टी, विजय त्यागी ब्लॉक प्रमुख, अक्षय पुंडीर ब्लाक प्रमुख,दीपक सोम,नन्द किशोर पुंडीर, ठाकुर विक्रम सिंह जिला पंचायत सदस्य अमित रावल, योगराज सिंह पूर्व मंत्री, प्रदीप बालियान पूर्व विधायक, सुधीर बालियान पूर्व विधायक आदि मौजूद रहे

आर्य समाज सम्मेलन में बोलीं साध्वी प्राची अगर धर्म बचाना है तो कट्टर बनना होगा 

आर्य समाज मंदिर में एक दिवसीय आर्य समाज वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्य समाज से जुड़े कई धार्मिक गुरुओं, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि साध्वी प्राची रहीं, जिन्होंने मंच से अपने विचार रखते हुए आर्य समाज के योगदान, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से बात की।

साध्वी प्राची ने कहा कि उन्हें कुछ मीडिया चैनल “विवादित” कहते हैं, क्योंकि वे “सच को सच कहती हैं और भगवा धारण करती हैं”। उन्होंने कहा, “मैं विवाद नहीं करना चाहती, संवाद करना चाहती हूं।” उन्होंने आर्य समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि “अगर आर्य समाज न होता तो हमें आजादी नहीं मिलती और न ही महिलाओं को बराबरी का अधिकार।”

साध्वी ने स्वामी दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए कहा कि आर्य समाज ने भारत की आजादी की लड़ाई में 85 प्रतिशत योगदान दिया। उन्होंने कहा, “सरदार भगत सिंह, सुखदेव, रामप्रसाद बिस्मिल, तात्या टोपे जैसे सभी क्रांतिकारी आर्य समाजी विचारधारा से प्रेरित थे, लेकिन इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।”

अपने भाषण में साध्वी प्राची ने देश में जनसंख्या असंतुलन और सामाजिक मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “अगर दयानंद के सिपाही हो, तो सोचो — धर्म की रक्षा के लिए अब कट्टर बनना होगा।” उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपनी पहचान, संस्कार और जनसंख्या संतुलन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

कार्यक्रम के उपरांत मीडिया से बातचीत में साध्वी प्राची ने कहा कि “भारत सरकार को हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए।” उन्होंने बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की दिल्ली से वृंदावन तक की पदयात्रा का समर्थन करते हुए कहा कि “यह यात्रा राष्ट्र की एकता और सनातन धर्म के सम्मान का प्रतीक है।

साध्वी ने समाज में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और महिलाओं के साथ हो रही अत्याचारों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए ताकि धर्म और समाज के खिलाफ साजिश करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो सके।” उन्होंने कहा कि “बच्चों को केवल आर्थिक रूप से नहीं, बल्कि नैतिक और संस्कारिक शिक्षा देना भी आवश्यक है, ताकि वे अच्छे इंसान बन सकें।

कार्यक्रम आयोजन समिति

हरिओम त्यागी, प्रधान आर्य समाज
अनूप सिंह मंत्री आर्य समाज

मुकेश आर्य शहर आर्य समाज अध्यक्ष

आनंदपाल सिंह संरक्षक
प्रदीप मलिक ऑडिटर

महेश पालीवाल पुस्तकालय अध्यक्ष

सुरेंद्रपाल आर्यवीर दल अधिष्ठाता

अशोक राठी पर्यवेक्षक

अभिषेक कुमार कोषाध्यक्ष

संजीव पंवार आर्य वरिष्ठ उप प्रधान

शांतप्रसाद शास्त्री जी पुरोहित

मंजू आर्य ,संगीत आर्य राजेश आर्य, सुधा आर्य आदि मौजूद रहे

भजनोपदेशक

राजवीर सिंह सुखतीर्थ

धर्मवीर आर्य मथुरा

अरुण खतौली

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