सनातन धर्म संसद में गूंजा हिंदुत्व का जयकारा, भारत को हिंदू राष्ट्रघषित करने और योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाने , मुजफ्फरनगर का नाम लक्ष्मी नगर करने की उठी मांग

हिन्दू संघर्ष समिति द्वारा आयोजित सनातन धर्म संसद में हिंदुत्व का जयकारा गूंजा। हनुमत धाम में देश के विभिन्न कोनों से आए महामंडलेश्वर, पूज्य संत, किसान, मजदूर, व्यापारी, उद्योगपति, समाज सेवी, कवि, पत्रकार, लेखक, विचारक, शोधकर्ता एक मंच पर दिखाई दिए। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के लिए मांगो का एक प्रस्तावना पत्र सनातन धर्म संसद के मंच से घोषित किया गया। जिसकी अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी केशवा नंद सरस्वती महाराज के द्वारा की गई। जिस पर सभी ने एक ध्वनि में सहमति दी। जो प्रस्तावित पत्र भारत सरकार के राज महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देंगे। हिन्दू संघर्ष समिति की हर जाती हर विचार धारा का व्यक्ति झंडो एवं जयकारा के साथ प्रातःकाल से बजे से शुकतीर्थ में पहुंचने शुरू हो गए। सभी ने शांति व्यवस्था के बीच महामंडलेश्वर केशवानंद सरस्वती की अध्यक्षता में देश हित से संबंधित विचार को सुना। जिससे सबसे ज्यादा आतंकवाद के विरुद्ध संतो ने अपनी बात सभी के समक्ष रखी। वक्ताओं के रूप में स्वामी विवेकानन्द जी महाराज ,स्वामी यति नरसिम्हा सरस्वती जी महाराज, स्वामी अनन्तानन्द सरस्वती जी महाराज, स्वामी आनन्देश्वरानन्द जी महाराज, स्वामी प्रेमानन्द जी महाराज मुख्य रहे। जिन्होंने हिंदू धर्म को एक स्वव्यापी विचारधारा बताया। महामंडलेश्वर एवं संतो ने आने वाली पीढ़ी को आधुनिक भारत , विकसित भारत देने की बात कही। जहां पूर्ण रामराज होगा। हर कोई नियम कानून से स्वच्छ भारत – स्वास्थ्य भारत की बात ध्यान में रखते हुए चहुमुखी विकास के लिए काम कर सकेगा।
मांग पत्र महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद जी को हिंदु संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा दिया गया
गौ माता, गंगा माता, लव जिहाद, नारी शसक्तिकरण, शिक्षानीति, किसान नीति आदि पर भी खुलकर सनातन धर्म संसद में विचार रखे। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच हर स्थिति से निपटने के लिए 38 संगठनों के कार्यकर्ता विभिन्न स्वरूपों में मौजूद थे, जो पुलिस प्रशासन की हर प्रकार से मदद कर रहे थे। सभी महामंडलेश्वरों और संतों का स्वागत-सम्मान किया गया। सभी के बैठने की शानदार व्यवस्था की गई। ठहरने और खाने की हर व्यवस्था सनातन धर्म संसद के विभिन्न संगठनों द्वारा की गई। हिंदू संघर्ष समिति के बैनर के नीचे हर व्यक्ति हिंदुत्व की बात करता नज़र आया। 38 संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से सत्यप्रकाश रेशू अग्रवाल, नरेंद्र पवार, अरूण प्रताप सिंह, मनोज पाटिल, बिजेंद्र धीमान, चमन लाल कूकि, देशराज चौहान, रिषभ जैन, अंकुर जैन, पवन पांचाल, डॉ संजीव, पंकज त्यागी, सतीश मालिक दीपक शराफ आदि शामिल रहे।
मुस्लिम समाज से सनातनी मुस्लिम नाजिया इलाही खान ने हिंदुत्व के पक्ष में मजबूताई से अपने वक्तव्य को रखा। जिससे पूरे वातावरण में सन्नाटा छा गया ओर भारत माता की जय जयकार होने लगी।
सनातन धर्म संसद में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल भी पहुंचे।
“अंत में कुंवर देवराज, सत्यवकाश रेशु, नरेंद्र पवार आदि ने सभी का धन्यवाद करते हुए रामभक्त हनुमान जी को नमन किया। मंच से “संगठन ही शक्ति है।” का आवाहन किया गया। जाती के बंधन को तोड़कर हिंदू राष्ट्र की बात, हिंदू एकता की बात व हिंदू हित की बात सबने गुनगुनाई।
मुजफ्फरनगर की तीर्थ नगरी सुकतीर्थ में संयुक्त हिंदू मोर्चा के तत्वावधान में धर्म संसद का किया गया आयोजन
धर्म संसद में जाने-माने साधु संतों का हुआ जमावड़ा
धर्म संसद में 12 प्रस्ताव हुए पारित
पहला प्रस्ताव मुजफ्फरनगर जिले का नाम बदलकर लक्ष्मी नगर किया जाय
2 – भारत को पुनः हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए
3 – गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए।
4 – केंद्र सरकार द्वारा सनातन धर्म तथा हिंदू हितों हेतु एक केंद्रीय सनातन बोर्ड गठित किया जाए।
5 – सामाजिक एकता एवं समरसता को राष्ट्रीय नीति में प्राथमिकता दी जाए
6 – जनसंख्या नियंत्रण एवं समान नागरिक संहिता शीघ्र लागू की जाए ।
7 – राष्ट्र निर्माण में संत समाज की भूमिका को औपचारिक मान्यता दी जाए।
8 – भारत के ऐतिहासिक हिंदू मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के मूल स्वरूप की पुनर्सथापना हेतु विशेष राष्ट्रीय कानून बनाया जाए।
9 – तीथों व सांस्कृतिक धरोहरों की पुनः प्रतिष्ठा एवं संरक्षण के लिए राष्ट्रीय कानून बने।
10 – 2027 में योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाया जाय