अटल आवासीय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा के एडमिट कार्ड को लेकर मुजफ्फरनगर में सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय पर श्रमिकों का हंगामा

मुजफ्फरनगर : रविवार को होने वाली अटल आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा से ठीक पहले जनपद के श्रम विभाग कार्यालय पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। विभिन्न गांवों से आए दर्जनों श्रमिकों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। श्रमिकों का कहना है कि विभाग ने ऐन वक्त पर न केवल उनके बच्चों के प्रवेश पत्र (Admit Card) रोक लिए हैं, बल्कि सालों पुराने उनके श्रमिक पंजीकरण को भी अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया है।
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि उन्होंने नियम अनुसार अपने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया था। पूरी प्रक्रिया होने हो गई, लेकिन जब रविवार को परीक्षा होने वाली है, तो विभाग ने प्रवेश पत्र देने से मना कर दिया। तर्क दिया जा रहा है कि वे ‘श्रमिक’ की श्रेणी में नहीं आते, जबकि इनमें से अधिकांश के पास 2016 से पंजीकरण कार्ड मौजूद हैं।
प्रदर्शन के दौरान मोहम्मद इरशाद ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि पिछले साल उनके बेटे ने इसी आधार पर परीक्षा दी थी, तब वह श्रमिक थे। इस बार बेटी का आवेदन किया तो उन्हें अपात्र बताकर पंजीकरण ही निरस्त कर दिया गया। अगर वह श्रमिक नहीं हैं, तो पिछले साल आवेदन किस आधार पर स्वीकार हुआ था?
महिला श्रमिक कविता का कहना है कि वह 2018 से विभाग में पंजीकृत हैं और लगातार विभाग की शर्तों का पालन कर रही हैं। लेकिन अब अचानक उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। कल बच्चों का पेपर है और विभाग की इस मनमानी ने अभिभावकों को असमंजस और तनाव में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया गांव में आंगनबाड़ी में काम करने वाली महिला के बच्चे को प्रवेश पत्र मिला है, बाकी सबके निरस्त कर दिए गए।
उधर, अटल आवासीय विद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योति मखीजा का कहना है कि इस विद्यालय में केवल निर्माण श्रमिकों के ही दाखिले हो सकते हैं। लेकिन इस जानकारी का अभाव अधिकांश श्रमिकों को रहता है। आवेदन के बाद ही श्रम विभाग द्वारा जांच की जाती है, जांच में अपात्र लोगों के पंजीकरण निरस्त कर दिए जाते हैं।