राष्ट्रीय जाट महासभा भारत ने उठाई जाट आरक्षण की मांग; पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
नई दिल्ली: राष्ट्रीय जाट महासभा (भारत) ने एक बार फिर केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। महासभा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सचिन सरोहा के नेतृत्व में भारत सरकार की पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति (महामंडलेश्वर श्री निरंजनी अखाड़ा) से मुलाकात की।
आयोग ने दिया सकारात्मक आश्वासन
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय सेवाओं में जाट समुदाय को आरक्षण देने की आवश्यकता और उनके सामाजिक-आर्थिक पक्ष को विस्तार से रखा। साध्वी निरंजन ज्योति ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि यह मांग तर्कसंगत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग इस विषय पर उचित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय जाट महासभा के प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
- चौधरी सचिन सरोहा (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
- गजेंद्र सिंह नीलकंठ (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी)
- अजय पाल प्रमुख (राष्ट्रीय महासचिव)
- ऋषिपाल सिंह नैन (उत्तर प्रदेश अध्यक्ष)
आरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
जाट समुदाय लंबे समय से केंद्र में ओबीसी (OBC) श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग कर रहा है। महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि वे इस मांग को लेकर देशभर के जाट समाज को एकजुट कर रहे हैं और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का सिलसिला जारी रखेंगे। आयोग की अध्यक्ष से मिला यह आश्वासन समाज के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण माना जा रहा है।