भारतीय लोक दल का स्थापना दिवस आज, RLD ने चौधरी चरण सिंह की किसान-कमेरे की विचारधारा को किया याद

मुजफ्फरनगर : राष्ट्रीय लोक दल (RLD) आज भारतीय लोक दल के स्थापना दिवस के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत और किसान-कमेरा वर्ग के लिए उनके संघर्ष को याद कर रहा है। पार्टी की ओर से 9 अगस्त 1974 को भारतीय राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन बताते हुए स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
पार्टी के अनुसार, 9 अगस्त 1974 को दिल्ली में चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में भारतीय लोक दल (BLD) का गठन हुआ था। इसमें उपाध्यक्ष के रूप में बीजू पटनायक तथा महामंत्री के रूप में पीलू मोदी के साथ बलराज मधोक और राजनारायण जैसे प्रमुख नेता जुड़े थे। भारतीय क्रांति दल, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, स्वतंत्र पार्टी, उत्कल कांग्रेस, लोकतांत्रिक दल, किसान मजदूर पार्टी और पंजाबी खेतीबाड़ी जमींदारी यूनियन सहित कई राजनीतिक दलों के विलय से भारतीय लोक दल अस्तित्व में आया था।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राजनीति के केंद्र में लाने का प्रयास
भारतीय लोक दल का प्रमुख उद्देश्य किसानों, मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाना था। चौधरी चरण सिंह का राजनीतिक चिंतन गांव, कृषि और ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को देश की प्रगति का आधार मानने पर केंद्रित रहा।
पार्टी का कहना है कि भारतीय लोक दल ने कृषि नीति, ग्रामीण विकास और विकेंद्रीकरण जैसे विषयों को राजनीतिक विमर्श में मजबूती से उठाया। साथ ही शोषित, वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता देने का प्रयास किया।
1977 में जनता पार्टी के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका
भारतीय लोक दल की राजनीतिक भूमिका का एक महत्वपूर्ण अध्याय 1977 के आम चुनाव से जुड़ा है। आपातकाल के बाद हुए इन चुनावों से पहले विभिन्न गैर-कांग्रेसी दलों के एकजुट होकर जनता पार्टी के गठन की प्रक्रिया में चौधरी चरण सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राष्ट्रीय लोक दल की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने भारतीय लोक दल के चुनाव चिह्न ‘हलधर किसान’ पर चुनाव लड़ा और इसके बाद देश में पहली बार केंद्र में गैर-कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ।
भारतीय लोक दल की राजनीतिक विरासत से निकले कई नेता
RLD के अनुसार, भारतीय लोक दल की राजनीतिक धारा से आगे चलकर अनेक ऐसे नेता निकले, जिन्होंने राज्यों की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी पहचान बनाई। पार्टी का मानना है कि भारतीय लोक दल की विचारधारा ने देश की क्षेत्रीय राजनीति को भी प्रभावित किया और किसानों तथा ग्रामीण समाज से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक ताकत प्रदान की।
भारतीय लोक दल की विरासत को आगे बढ़ा रहा RLD
राष्ट्रीय लोक दल ने कहा कि आज का राष्ट्रीय लोक दल भी भारतीय लोक दल की उसी राजनीतिक विरासत और विचारधारा की मजबूत नींव से निकला है। पार्टी किसान, कमेरा, शोषित और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी ने भारतीय लोक दल के संस्थापकों और चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को नमन करते हुए देशवासियों को भारतीय लोक दल स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।