54वीं राज्य बाल विज्ञान प्रदर्शनी में 310 बाल वैज्ञानिकों ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा
जनपद के 140 माध्यमिक विद्यालयों की सहभागिता
मुजफ्फरनगर /भोपा : डी.ए.वी. इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर में 54वीं राज्य बाल विज्ञान प्रदर्शनी-2026 के जनपद स्तरीय आयोजन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में जनपद के 140 माध्यमिक विद्यालयों के 310 बाल वैज्ञानिकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मकता, नवाचार एवं समस्या समाधान की क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
बृहस्पतिवार को आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी की शैक्षणिक सत्र 2026-2027 की थीम”सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार” निर्धारित की गई। इसके अंतर्गत जूनियर एवं सीनियर वर्ग के बाल वैज्ञानिकों ने दैनिक जीवन की समस्याओं, पर्यावरणीय चुनौतियों, ऊर्जा संरक्षण, स्वास्थ्य, कृषि तथा ग्रामीण विकास से संबंधित अनेक उपयोगी वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा श्रेष्ठतर जीवन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता , हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण, गणितीय मॉडलिंग एवं गणनात्मक सोच, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सफाई, स्वदेशी कृषि पद्धतियाँ, ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान तथा आपदा प्रबंधन जैसे सात उपविषयों पर आधारित स्थिर एवं नवाचारी क्रियाशील मॉडल प्रदर्शित किए गए। विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों के व्यावहारिक उपयोग, तकनीकी नवाचार तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान की संभावनाओं को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक हरिकेश यादव ने विधिवत रूप से प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का सशक्त माध्यम है।यह केवल वैज्ञानिक मॉडलों के प्रदर्शन का मंच नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, अनुसंधान प्रवृत्ति एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम भी है।आज का युग विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का युग है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों एवं विज्ञान शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यालयों में विज्ञान क्लब, नवाचार गतिविधियों, प्रयोगात्मक शिक्षण एवं विज्ञान प्रदर्शनियों को नियमित रूप से प्रोत्साहित करें, ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो और वे भविष्य में वैज्ञानिक, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ एवं नवप्रवर्तक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।कार्यक्रम प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. विकास कुमार ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक जीवन से जोड़ने तथा वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करती है।जिला विज्ञान क्लब, मुजफ्फरनगर के समन्वयक संदीप कुमर कौशिक ने कहा कि विद्यार्थियों को दूसरों के मॉडलों की नकल करने के बजाय अपनी मौलिक सोच से नए प्रयोग करने चाहिए। विज्ञान शिक्षकों को भी विद्यालय स्तर पर नियमित रूप से प्रयोगात्मक एवं नवाचार आधारित गतिविधियाँ संचालित करनी चाहिए।प्रदर्शनी के सफल आयोजन में जिला समन्वयक अलका तोमर, प्रधानाचार्य डॉ. रणबीर सिंह,आशीष द्विवेदी,प्रवीण शर्मा, नरेश सैनी,कपिल देव त्यागी,देवेंद्र कुमार, प्रीति चौधरी,भूपेन्द्र कुमार,बबीता,रचना, बिमलेश गौतम, डॉ. सारिका गोयल,मनीषा शर्मा,सत्यकाम चौधरी सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, विज्ञान शिक्षकों एवं अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।