किसान मसीहा भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 20 साल से बंधक प्रतिमा के अनावरण के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने डीएम को लिखा पत्र

जनपद मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना कांधला मार्ग पर गांव परसोली के निकट स्थित हिंडन कृष्णी दोआब नहर जिसका नाम 15 जनवरी 2004 में तत्कालीन सिंचाई मंत्री अनुराधा चौधरी से कार्यकाल में बदलकर चौधरी चरण सिंह हिंडन कृष्णी दोआब नहर नाम दिया गया था। जहां पर 2004 में ही किसान मसीहा और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की एक शानदार प्रतिमा का निर्माण करा कर स्थापित की गई थी इसके बाद निजाम बदल तो शायद राजनीति के लंबरदार चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा को लगाकर भूल गए। क्योंकि इस प्रतिमा के अनावरण के लिए मात्र सिंचाई विभाग से एक अनापत्ति प्रमाण पत्र आना था जो आज तक नहीं आया कई सरकारी गई इस बीच चौधरी चरण सिंह के नाम पर वोट मांग कर कई सांसद विधायक और मंत्री बने मगर चौधरी चरण सिंह की यह प्रतिमा आज भी उसी स्थान पर पानी में लिपटी हुई खड़ी है और इंतजार कर रही है अपने अनावरण का…. इस बीच 20 साल में लगातार 23 दिसंबर को चौधरी चरण सिंह का जन्म दिवस अनेक स्थानों पर किसान दिवस के नाम से मनाया जाता है और पुण्यतिथि भी 29 मई को मनाई जाती रही है। मगर न ही तो किसी बीजेपी के नेता और ना ही रालोद के नेता को यह चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा याद आई। और तत्कालीन मंत्री अनुराधा चौधरी ने तो राष्ट्रीय लोक दल छोड़ने के बाद शायद अपने दिमाग से किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह का नाम ही निकाल दिया क्योंकि उसके बाद समाजवादी पार्टी की सरकार में फिर मंत्री रही और अब कई वर्षों से भाजपा में भी है जहां केंद्र और प्रदेश सरकार में भाजपा की ही सरकार है।
अब 23 दिसंबर को मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में राष्ट्रीय लोक दल कोटे से मंत्री अनिल कुमार को चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा की जरूर याद आई है जिसके चलते उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के अनावरण के रास्ते खोलने की मांग की है
जिसमें जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि चौधरी चरण सिंह हिंडन कृष्णा दोआबा नहर प्रणाली का लोकार्पण दिनांक 15 जनवरी, 2004 को तत्कालीन सिंचाई मंत्री श्रीमती अनुराधा चौधरी द्वारा किया गया था। इस नहर प्रणाली के निर्माण के साथ ही बुढाना क्षेत्र के पारासौली गांव के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर एक वाटिका का निर्माण किया गया और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। वर्तमान में प्राप्त जानकारी के अनुसार लोअर खंड की जमीन पर प्रतिमा होने के कारण विभाग को ही इस पर फैसला लेकर अनापत्ति प्रमाण-पत्र देना था, लेकिन 20 साल बीत जाने के बाद भी इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। इसी कारण चौधरी साहब की प्रतिमा आज भी पन्नी से लिपटी हुई खड़ी है, जिससे उनके अनुयायियों और किसान समाज में काफी रोष व्याप्त है। पिछले कई दिनों से लगातार समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के कारण इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।
अतः मैं चाहूंगा कि आप तत्काल संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर इस पूरे प्रकरण की जानकारी लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजते हुए कृत कार्यवाही से मुझे भी अवगत कराने का कष्ट करें, ताकि जल्द से जल्द किसानों व उनके अनुयायियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए किसान मसीहा, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की मूर्ति का लोकार्पण किया जा सके