मुजफ्फरनगर पहुंचे एमएलसी मोहित बेनीवाल ने दिया बड़ा बयान
सदन में मुजफ्फरनगर का नाम बदलने की मांग उठाकर लखनऊ से मुजफ्फरनगर लौटे MLC मोहित बेनीवाल का स्वागत
उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर रखने की विधान परिषद सदन में बात रखने वाले भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी मोहित बेनीवाल शुक्रवार की शाम मुजफ्फरनगर पहुंचे जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एमएलसी मोहित बेनीवाल का गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एमएलसी मोहित बेनीवाल को पटका और बुके देकर स्वागत किया। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एमएलसी मोहित बेनीवाल को लक्ष्मीनगर लिखा हुआ एक मानचित्र भी भेंट किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए एमएलसी मोहित बेनीवाल ने एक बड़ा बयान दे डाला। मोहित बेनीवाल ने कहा कि जो विपक्ष आज यह कह रहा है कि नाम बदलने से कुछ नहीं होगा उन लोगों का भाव आम जनमानस से नहीं बल्कि औरंगज़ेब और क्रूर मुगल शासकों के साथ जुड़ी हुई है। विपक्ष के लोग आम जनता की भावना को आगे बढ़ना नहीं चाहते वह तो केवल औरंगजेब महमूद गजनी और मोहम्मद खिलजी की भावनाओं को आगे बढ़ना चाहते हैं इसलिए वह नहीं चाहते की हिंदुस्तान की संस्कृति और उनका इतिहास आगे आए
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उत्तर प्रदेश की विधान परिषद सदन में मुजफ्फरनगर का नाम लक्ष्मीनगर रखने की मांग करने वाले भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी मोहित बेनीवाल शुक्रवार दोपहर मुजफ्फरनगर पहुंचे जहां एक रेस्टोरेंट में भर जनता पार्टी के सैकड़ो कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एमएलसी मोहित बेनीवाल का स्वागत समारोह किया गया। इस स्वागत समारोह में मुजफ्फरनगर जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, पूर्व भाजपा मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष विजय शुक्ला, भारतीय जनता पार्टी के एक दर्जन से ज्यादा ब्लॉक प्रमुख और कार्यकर्ताओं ने मोहित बेनीवाल का गर्म जोशी के साथ स्वागत किया। मुजफ्फरनगर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी मोहित बेनीवाल ने मुजफ्फरनगर का नाम लक्ष्मी नगर करने को लेकर कहा कि काफी लंबे समय से मुजफ्फरनगर की जनता की यह मांग रही है कि इस जनपद का नाम लक्ष्मी नगर होना चाहिए और मोदी जी के नेतृत्व में देश में विकास की रफ्तार इतनी तेजी से बढ़ी है कि आज विश्व में हमारा देश तीसरे नंबर पर आने पर अग्रसर है। इसलिए विकास के साथ-साथ हमारी पौराणिक क्षमताओं पर भी पूरे विश्व के अंदर हमारे देश की अलग पहचान है। और यह जनपद भी लंबे समय से इतिहास के पन्नों में दर्ज है। क्योंकि यह क्षेत्र प्रगति का क्षेत्र रहा है। मुगल शासको ने अपनी क्रूर नीतियों के तहत शहर गांव और जनपदों के नाम बदले। लोगों पर अत्याचार किए अब आम जनमानस का मन है कि हमें मुगल शासको के अत्याचार से मुक्ति तभी मिलेगी जब अपने नगरों के नाम भी जो उनका में उद्देश्य है जिसके लिए उसे क्षेत्र की पहचान है उन जनपदों का नामकरण भी उन्हीं के नामपर हो । हमारी पहचान वापस लौटे उसकी स्थापना हो। 
यह धरती महाभारत कालीन समय की धरती है इसलिए इसका नाम लक्ष्मी नगर होना चाहिए और यह हमारी ही नहीं बल्कि आम जनमानस की मांग है। मुझे अवसर मिला तो मैं आम जनमानस की बात को सदन में रखने का काम किया । देखिए हम तो देश की भावना और जनता के विचारों के साथ हैं देश की भावना को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा भारतीय जनता पार्टी काम करती है। और चाहे जैसे इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज हुआ हो और ऐतिहासिक महाकुंभ मैं 65 करोड लोगों ने स्नान किया हो वैश्विक पहचान हमारे देश और प्रदेश की माननीय मोदी जी और योगी जी के नेतृत्व से बनती है। तो इसलिए प्रयागराज की पहचान पूरे विश्व में हमारे इतिहास को दर्शाती है। जहां गंगा जमुना और सरस्वती का संगम होता है। जिस तरह उसकी पहचान प्रयागराज से होनी चाहिए उसकी पहचान इलाहाबाद से नहीं हो सकती क्योंकि मुगल शासको ने हिंदुस्तान में आकर उनके नाम बदले हैं। मुगल शासक औरंगजेब थे जिन्होंने अपने पिता का भी सम्मान नहीं किया। अपने पिता को ही उन्होंने जेल में डाल दिया अपने ही पिता को पानी तक के लिए तरसा दिया। वह लोग क्रूरता का परिचय देते हैं। अब मुजफ्फरनगर का नाम भी जो यहां के प्रशंसक रहे मुजफ्फर अली उनके नाम से इस जनपद का नाम रख दिया गया। इसलिए यह उचित नहीं है आम जनता की भावना भी लक्ष्मी नगर के साथ है। इस क्षेत्र की पहचान भी लक्ष्मी नगर से रही है। क्योंकि यह क्षेत्र आर्थिक प्रगति का क्षेत्र है। शुगर बाउल के नाम से इस मुजफ्फरनगर को देश-विदेश में लोग जानते हैं। यहां चारों तरफ गुड़ की मिठास है। सदन में इस मुद्दे को उठाने के बाद बाद में मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से मिला और मैं उनको एक मांग पत्र सोपा उन्होंने हमारे मांग पत्र पर विश्वास जताते हुए भरोसा दिया है और मुझे विश्वास है कि जनता की भावनाओं का विश्वास करते हुए। मुख्यमंत्री जी इस विषय को आगे बढ़ने का काम करेंगे। देखिए पक्ष के पास कोई दूसरा काम तो है नहीं 2014 से पहले देश में कांग्रेस की सरकार थी। और चारों तरफ त्राहि त्राहि मची हुई थी। बड़े-बड़े घोटाले होते थे घोटाले के अलावा और कुछ सुनाई ही नहीं देता था। 2014 में जब मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो आज देश चाहे वह कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक सभी राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण होना हो तमाम एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बढ़ी है। हर गांव तक सड़क पहुंची है विश्व गुरु की पहचान माननीय मोदी जी ने बनाई जब वह अमेरिका जाते हैं और वहां के राष्ट्रपति जब कुर्सी पीछे खींचते हैं तो सभी देशवासियों का सम्मान होता है। अगर आप दोनों सरकार का कार्यकाल देखोगे तो ध्यान में आएगा कि उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो यही प्रदेश चाहे वह पश्चिम उत्तर प्रदेश हो या पूरा उत्तर प्रदेश अपराध के लिए जाना जाता था । विपक्ष के मन और भाव तो औरंगजेब के साथ है इसलिए वह कुछ प्रदेश में कर नहीं पाए। महमूद गजनी के साथ उनके भाव है। मोहम्मद खिलजी के साथ उनके भाव है। अब यह तो विपक्ष को तय करना है कि वह देश की जनता की भावना को आगे बढ़ना चाहते हैं या फिर औरंगजेब की विचारधारा को आगे बढ़ना चाहते हैं।