मुजफ्फरनगर मे थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा एक साइबर ठग को किया गया गिरफ्तार
साइबर क्राइम पुलिस ने 03 करोड 9 लाख 22 हजार की धोखाधडी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को किया गया गिरफ्तार।
इस साइबर क्राइम गिरोह के तार चीन, नेपाल, सिंगापुर सहित कई देशों से भी जुड़े हैं

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में थाना क्राइम ब्रांच पुलिस द्वारा एक ऐसे साइबर ठग को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया के द्वारा लोगों से दोस्ती कर फिर उन्हें बिजनेस में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देकर करोड़ों की ठगी कर चुका था। इस मामले में एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है जिसे पकड़ने के लिए टीम लगातार प्रयास रत है
एसपी क्राइम हिंदू सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि दिनांक 09.10.2025 को सचिन कुमार निवासी नई मण्डी द्वारा थाना साइबर क्राइम पर लिखित तहरीर देकर अवगत कराया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक के माध्यम से उनकी एक अज्ञात व्यक्ति से मित्रता हुई। व्यक्ति द्वारा उनसे रुपये निवेश करने तथा निवेश पर ज्यादा लाभ दिलाने का झांसा देकर कुल 3 करोड 09 लाख 22 हजार का साइबर फ्राड किया गया। इसके बाद थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम द्वारा गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की छानबीन की और पुलिस ने दो आरोपियों आरोपी मौहम्मद माज पुत्र मौहम्मद शब्बर हसन 2. अम्बरीश मिश्रा पुत्र त्रिलोकीनाथ मिश्रा को गत 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किये जा रहे थे। जिसमें पुलिस ने आज फिर एक आरोपी खालिद पुत्र इनामूलहक निवासी साईपुरम बस्ती थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी मूल निवासी दिलदार नगर जनपद गाजीपुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया जिसके कब्जे से पुलिस ने 2 मोबाईल फोन, 1 लैपटाप तथा 1 वाईफाई राऊटर बरामद किए हैं।
इस मामले में एक आरोपी उपेन्द्र चंदेल पुत्र महेन्द्र सिंह चंदेल निवासी 140 मिर्जापुर खडंजा कल्याणपुर कानपुर नगर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है जिसके लिए पुलिस की टीम गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि मैंने बाबू बनारसीदास यूनिवर्सटी से BHMCT से ग्रेजूएशन की पढाई की है मेरी उम्र 24 वर्ष है, मैं नौकरी की तलाश कर रहा था, तभी मेरी मुलाकात सार्थक निवासी बाराबंकी से हुई, सार्थक इन्वेस्ट के नाम पर पैसे का लेन देने का काम करता था मैंने भी उसके साथ काम किया तकरीबन 7 महीने के समय में लगभग 40 लाख रुपये मैंने उसे दिये जो उसने मुझे 40% के प्रोफीट पर देने का वादा किया था, लेकिन सारे पैसे नहीं लौटाये और फिर उसी ने मुझे अमान मूल निवासी बाराबंकी वर्तमान निवासरत नैपाल से परिचय कराया, जिसके बाद मैं अमान से नैपाल में मिला और नैपाल में ही रहकर आनलाईन फ्राड के बारे में जानकारी एकत्र की अमान के अन्य साथी जो कम्बोडिया, चीन, सिंगापुर में रहकर भारत के लोगों के साथ फ्राड करते हे, उनसे भी मैं पार्टी में मिला, फिर नैपाल से ही एक फोन व एक नैपाली नम्बर लेकर मैं भारत आ गया । वहीं पर मैंने जार्डन और जैम्स नाम से टेलीग्राम पर पेज बनाये जिनके माध्यम से मैंने फ्राड करने हेतू विभिन्न खातों को प्राप्त करना शुरु किया अबतक मैं 50 से भी ज्यादा ऐसे खातों पर लेनदेन करा चुका हूँ। जिनके एवज में खाताधारको को 2 प्रतिशत कमीशन देता हूँ। एक खाता मैंने हमदान के साथ मिलकर माज व अम्बरीश मिश्रा व उपेन्द्र पटेल से मानव सेवा संस्थान समिति के ICICI बैंक का खाता लिया था इस खाते को मैंने अपने मोबाईल पर चैक किया तत्पशचात फिर सम्बन्धित बैंक खाते से जुडे रजिस्टर्ड नं0 के मोबाईल पर चाइनीज apk फाइल भेजकर फोन को मिरर किया और फिर उस खाते से फ्राड किया उस खाते के एवज में मैंने कमीशन के रुप में 1 लाख 30 हजार रु0 माज, अम्बरीश मिश्रा व उपेन्द्र पटेल को दिया था।