नारी साहसी कॉन्क्लेव में 26 नारियों को नारी साहसी पुरस्कार प्रदान किया गया विकसित भारत @2047 में महिलाओं की भूमिका पे चर्चा हुई

नारी साहसी कॉन्क्लेव में विकसित भारत @2047 में महिलाओं की भूमिका पे चर्चा

नारी साहसी कॉन्क्लेव में 26 नारियों को नारी साहसी पुरस्कार प्रदान किया गया विकसित भारत @2047 में महिलाओं की भूमिका पे चर्चा हुई

नई दिल्ली : महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक प्रेरणादायक और भव्य आयोजन के रूप में जोगी फाउंडेशन द्वारा आयोजित नारी साहसी कॉन्क्लेव 18 मार्च 2026 को राजधानी कांस्टीट्यूशन क्लब में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। दोपहर 2 बजे से शुरू हुए इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देशभर से आई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और समाज निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका पर विचार साझा किए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देना तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना रहा। जोगी फाउंडेशन के संस्थापक रोहित कुमार जोगी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र के समग्र विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है और इसी सोच के साथ इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया।

उन्होंने फाउंडेशन के नारी साहसी अभियान की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब तक 10,000 से अधिक महिलाओं को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके साथ ही सिलाई मशीन केंद्रों की स्थापना कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और 10,000 से अधिक सैनिटरी पैड वितरित कर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा नारी साहसी पुरस्कार समारोह, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 26 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेता एवं मनोज तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि सांसद बनने के बाद से अब तक उन्होंने इस हॉल में कई कार्यक्रम देखे हैं, लेकिन यह महिलाओं को समर्पित सबसे प्रभावशाली आयोजन रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पुरुषों के समान ही महत्वपूर्ण है। जब तक हर महिला आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होगी, तब तक देश की प्रगति अधूरी रहेगी। उन्होंने ऐसी पहलों को निरंतर समर्थन देने का आश्वासन भी दिया।

विशिष्ट अतिथि Anca Verma, फाउंडर ट्रस्टी, श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट, नई दिल्ली ने जोगी फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने समाज में एक नया इतिहास रचा है। उनके अनुसार, विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित इस तरह का व्यापक मंच देश में एक अनूठी पहल है, जो भविष्य की दिशा तय करने में सहायक बनेगा।

विशिष्ट अतिथि डॉ. संदेश यादव, महासचिव, भारत गौरव अवॉर्ड फाउंडेशन ने संस्थापक रोहित कुमार जोगी की सराहना करते हुए उन्हें शिवशक्ति की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि जोगी महिलाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और इस मिशन में हर व्यक्ति—चाहे महिला हो या पुरुष—को सहयोग करना चाहिए, तभी देश तरक्की करेगा।

सम्मानित हस्तियों में ज्योति मिश्रा त्रिपाठी (सीनियर एंकर, टाइम्स नाउ नवभारत) को Social Impact & Public Awareness, मेघा आहूजा (डायरेक्टर, विवेकानंद स्कूल एवं संस्थापक सशक्त – द ओवेरियन कैंसर फाउंडेशन) को Education Skill & Development, मांसी वाई ठक्कर को Leadership तथा पारुल मोदी को Entrepreneurship & Innovation श्रेणी में सम्मान प्रदान किया गया।

इसके अतिरिक्त सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीमती रेणुजी पाठक, सीए तृप्ति शिंगल सोमानि, रूबी यादव फोगाट, ममता भाटी, वृंदा खन्ना, पारुल चौधरी तुगाना और पूनम कालरा को सम्मानित किया गया।

शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में डॉ. शिवानी शर्मा, तुषारिका शर्मा, कविता राणा और डॉ. अल्का ज्योति को सम्मान मिला, वहीं उद्यमिता एवं नवाचार के क्षेत्र में सोनम सक्सेना, डॉ. पायल संदेश यादव, मेघा अग्रवाल और डॉ. खुशबू सिंह को भी सम्मानित किया गया।

सार्वजनिक जागरूकता और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में स्वेता चौहान, डॉ. सीमा मिधा, डॉ. आध्या कुमार, सुप्रिता सिन्हा को नारी साहसी पुरस्कार से नवाजा गया। साथ ही लोक कला और संस्कृति में योगदान के लिए प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना चौहान को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मृदुल फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी सुरभि तिवारी ने कहा कि यह आयोजन केवल सम्मान का मंच नहीं, बल्कि उन महिलाओं के संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों का उत्सव है, जिन्होंने समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

समापन पर यह स्पष्ट हुआ कि जोगी फाउंडेशन की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो न केवल महिलाओं को प्रेरित करती है, बल्कि “विकसित भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में भी नई ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. बबीता सिंह, अध्यक्ष, महिला आयोग उत्तर प्रदेश ने कहा कि प्रत्येक महिला को यह समझना होगा कि वह राष्ट्र निर्माण में किस प्रकार अपना योगदान दे सकती है। उन्होंने महिलाओं से घर की सीमाओं से बाहर निकलकर समाज में सक्रिय भूमिका निभाने और सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि कम उम्र में ही रोहित कुमार जोगी द्वारा इतना भव्य और सार्थक कार्यक्रम आयोजित करना गर्व की बात है और यह सभी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।

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