मुख्य अभियंता ने कहा सभी घरों में लगेंगे स्मार्ट मीटर, अफवाहों पर ध्यान ना दे
स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होने पर तुरंत नहीं कटेगी सप्लाई
स्मार्ट मीटर लगाने में शामली से पिछडा मुजफ्फरनगर

मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में पश्चिम हिमाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने अपने कार्यालय में एक प्रेस वार्ता कर कहा की पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर सभी घरों पर लगेंगे जनपद मुजफ्फरनगर में उनका प्रयास है कि सभी घरों पर स्मार्ट मी लगाए जाएंगे और स्मार्ट मीटर को लेकर जो भी भ्रांतियां लोगों के मन में है या अफवाह के जरिए फैलाई जा रही है उसको दूर करने के लिए भी टेक्निकल लोगों के द्वारा उपभोक्ताओं को समझाया जाएगा उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर अभी पूरी तरह से छूट है स्मार्ट मीटर का शुल्क नहीं लिया जा रहा मगर बाद में फिर शुल्क निर्धारित किया जाएगा और उसके बाद शुल्क लेकर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे । फिलहाल जिन उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाई जा रहे हैं उनके बिल में भी दो प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस समाप्त हो जाता है, तब भी उसकी बिजली आपूर्ति तुरंत नहीं काटी जाएगी, बल्कि 3 दिनों तक सप्लाई जारी रहेगी, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अलावा सुबह 6 बजे से 8 बजे तक और रविवार व राजपत्रित अवकाश के दिनों में भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह आईएसआई प्रमाणित हैं और इनमें इन-बिल्ट सुरक्षा प्रणाली भी उपलब्ध है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप, वेबसाइट और डिजिटल माध्यमों जैसे पेटीएम व जीपे के जरिए आसानी से रिचार्ज कर सकेंगे। साथ ही एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से बिजली खपत, बैलेंस और अन्य सूचनाएं भी मिलती रहेंगी।
विभाग के अनुसार, मुजफ्फरनगर जोन में अब तक लाखों स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। पूरे पश्चिमांचल क्षेत्र के 14 जनपदों में 76 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें से अब तक करीब 20.7 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
जनपद शामली में 1 लाख 16 हजार से अधिक और मुजफ्फरनगर में करीब 87 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से न केवल उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण प्रणाली भी अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी।