मुजफ्फरनगर: चरथावल के घिस्सुखेड़ा में नहर टूटने से तबाही, विधायक पंकज मलिक ने जताई नाराजगी

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद स्थित थाना चरथावल क्षेत्र के गांव घिस्सुखेड़ा में नहर टूटने से किसानों पर आफत टूट पड़ी है। नहर के पानी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। इस हादसे में किसानों की तैयार खड़ी गेहूं की फसल, गन्ना और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है,
विधायक ने किया दौरा, सिंचाई विभाग पर बरसे
घटना की सूचना मिलते ही चरथावल विधायक पंकज मलिक तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जलभराव के बीच किसानों से मुलाकात कर उन्होंने उनका दर्द साझा किया। विधायक ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विभाग की अनदेखी के कारण आज मेहनत की कमाई पानी में बह गई है।
नुकसान का आकलन और मुआवजे की मांग
पंकज मलिक ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि:
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जलभराव से हुए नुकसान का शीघ्र और निष्पक्ष आकलन किया जाए।
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प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाया जाए।
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नहर की मरम्मत और सफाई में हुई कोताही की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।
“किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस दुख की घड़ी में हम हर प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़े हैं। यह प्रशासन और विभाग की चूक है, जिसका खामियाजा गरीब किसान को भुगतना पड़ रहा है। हम चुप नहीं बैठेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हर पीड़ित को उसका हक मिले।” — पंकज मलिक, विधायक, चरथावल
किसानों में गहरा रोष
स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक कर फसल तैयार की थी, लेकिन विभाग की सुस्ती ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर मदद पहुंचाई जाए। विधायक ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले को शासन स्तर तक उठाएंगे।