मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 33 लाख ठगे
पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को किया गिरफ्तार,
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, एटीएम, बैंक की पासबुक , चेक बुक वाई-फाई रूटर और नकदी की बरामद
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ 46 करोड 55 लाख 09 हजार 191 रुपये की ज्ञात धोखाधडी की करीब 44 शिकायतें दर्ज है
उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में एक रिटायर्ड इंजीनियर को साइबर अपराधियों के द्वारा TRAI, E.D और CBI के अधिकारी बनकर DIGITAL ARREST कर 33,33,000/- रुपयों की ठगी का मामला सामने आया है जिसमें थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 39 सिमकार्ड, 21 एटीएम, डेबिट कार्ड, 15 बैंक पासबुक, 13 मोबाईल फोन, 3 चैकबुक, 2 नोटबुक, 1 वाईफाई राऊटर, 1 LAN CABLE, 1 स्कूटी, 99,500 रुपये नगद बरामद किए है
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन स्थित सब अगर में प्रेस वार्ता करते हुए जानकारी दी की दिनांक 11 सितंबर 2025 को पीड़ित द्वारा थाना साइबर क्राइम मुजफ्फरनगर को लिखित तहरीर देकर बताया था कि उनके फोन पर एक कॉल आयी जिसमें स्वंय को TRAI/ ED का अधिकारी बताते हुए कहा गया कि आपके द्वारा कैनरा बैंक में खाता खुलवाया गया है, जिसमें अवैध धन का लेन- देन बडी मात्रा में आपके द्वारा किया गया है, जिसके सम्बन्ध में थाना दरियागंज दिल्ली पर आपके विरुद्ध शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जब तक आपकी जाँच होगी तब तक आपको DIGITAL ARREST किया जाता है। इसके बाद दरियागंज पुलिस थाना, दिल्ली का LOGO लगा व्हाटसएप काल वादी पर आया, जिसमें अपने आपको दरियागंज थाने का IPS अफसर बताया तथा उपरोक्त केनरा बैंक के खाते में अवैध धन के लेन-देन की बात कही तथा इस बाबत वादी मुकदमा से एक प्रार्थना पत्र लिखवाकर लिया कि उसके द्वारा कोई भी अवैध गतिविधि नहीं की गयी है, इसके उपरान्त CBI अफसर का व्हाटसएप काल आया, जिसपर भी CBI का LOGO लगा था, इसके द्वारा भी वही बात दोहराई गयी तथा वादी मुकदमा से फिर लिखित में एक प्रार्थना पत्र लिया गया तत्पश्चात माननीय न्यायालय का LOGO लगा नम्बर से व्हाटसएप काल आया जिनके द्वारा अपने आप को न्यायालय का जज बताते हुए खातों में अवैध लेनदेन की बात कही गयी तथा माननीय न्यायालय के सील मोहर लगे हुए एक कूट रचित (फर्जी) लैटर पीडीएफ के माध्यम से मुकदमा वादी को भेजी गयी, जिसमें DIGITAL ARREST होने जैसी बातें लिखी थी तथा केस को पूरा खत्म करने के नाम पर वादी को डरा धमकाकर तथा भय में डालकर 33.33 लाख रुपये ठग लिये। इस प्रकार पीड़ित से TRAI/ ED/ CBI / न्यायालय के न्यायाधीश बनकर वादी को MONEY LAUNDERING के फर्जी मामले में फंसाकर DIGITAL ARREST करते हुए 33,33,000/- रूपयों की धोखाधडी की गयी पीड़ित से तहरीर लेने के बाद थाना साइबर क्राइम टीम द्वारा तुरंत कार्यवाही करते हुए मुकदमा अपराध संख्या 29/2025 धारा 318(4), 351 बीएनएस व 66सी,66डी आइटी एक्ट दर्ज करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई । जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित टीम के द्वारा 18 सितंबर 2025 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पुरकाजी बाइपास से भैंसानी मार्ग से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे और निशांदेही से 39 अदद सिमकार्ड, 21 एटीएम/ डेबिट कार्ड, 15 बैंक पासबुक, 13 मोबाईल फोन, 03 चैकबुक, 02 नोटबुक, 01 वाईफाई राऊटर, 01 LAN CABLE, 01 स्कूटी, 99,500/- रुपये नगद बरामद किये गये।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान निखिल गोयल पुत्र नरेश गोयल निवासी म0नं0 381 आनन्द विहार, गंगानगर थाना ऋषिकेश कोतवाली, जनपद देहरादून, उत्तराखण्ड और हरप्रीत सिंह उर्फ हर्ष पुत्र चरनजीत सिंह मान निवासी पावर हाऊस चौक डोकरी घाटपारा थाना जद्दलपुर जनपद बस्तर छत्तीसगढ, के रूप में हुई जबकि इस घटना में इनका एक साथ ही राजू निवासी भिलाई छत्तीसगढ हाल पता ऋषिकेश अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि उनका साथी राजू निवासी भिलाई छत्तीसगढ जो वर्तमान में ऋषिकेश में ही रहता है, वह इस कार्य का सरगना है राजू ही छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, आदि राज्यों से बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चैकबुक, सिमकार्ड , आदि भोले भाले लोगों को लालच देकर प्राप्त कर उनमें विदेशों में बैठे साइबर ठगों से सांठ गांठ कर पैसे डलवाता है, जिन्हें हम लोग एटीएम, चैक, आदि के माध्यम से कैश के रुप में निकाल लेते है, तथा निखिल गोयल व राजू उपरोक्त मिलकर अपना हिस्सा काटकर बाकि बचे पैसों की USDT खरीद कर विदेश में बैठे साइबर ठगों को भेज देते है।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ तक 46 करोड 55 लाख 09 हजार 191 रुपये की ज्ञात धोखाधडी की करीब 44 शिकायतें दर्ज है
जिसमें 1- खाता सं0 8111763425, के विरुद्ध 26 करोड 29 लाख 70 हजार 450 रु0 की धोखाधडी की 07 शिकायतें
2- खाता सं0 8110679816, के विरुद्ध 5 करोड 41 लाख 60 हजार रु0 की धोखाधडी की 02 शिकायतें
3- खाता सं0 60494332366, के विरुद्ध 3 करोड 43 लाख 50 हजार रु0 की धोखाधडी की 03 शिकायतें
4- खाता सं0 8095146054, के विरुद्ध 3 करोड 36 लाख 53 हजार रु0 की धोखाधडी की 01 शिकायत
5- खाता सं0 5792695072, के विरुद्ध 2 करोड 95 लाख रु0 की धोखाधडी की 09 शिकायतें
6- खाता सं0 25790110108932, के विरुद्ध 1 करोड 91 लाख 85 हजार रु0 की धोखाधडी की 04 शिकायतें
7- खाता सं0 8111743181, के विरुद्ध 1 करोड 72 लाख 50 हजार 491 रु0 की धोखाधडी की 04 शिकायतें
8- खाता सं0 8125589722, के विरुद्ध 44 लाख 07 हजार रु0 की धोखाधडी की 01 शिकायत
9- खाता सं0 8111917842, के विरुद्ध 43 हजार 250 रु0 की धोखाधडी की 01 शिकायत
10 – खाता सं0 8093582796, के विरुद्ध 42 लाख 65 हजार रु0 की धोखाधडी की 02 शिकायतें
11- खाता सं0 8113858861, के विरुद्ध 42 लाख रु0 की धोखाधडी की 03 शिकायतें
12- खाता सं0 110205384684, के विरुद्ध 15 लाख 25 हजार रु0 की धोखाधडी की 07 शिकायतें मिली है
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