30वीं टेम्पोरल बोन डिसेक्शन व लाइव सर्जरी कार्यशाला का आयोजन
ईएनटी चिकित्सकों को मिला डॉ. एम. के. तनेजा का ज्ञानवर्धक मार्गदर्शन
विशेषज्ञों ने लाईव दिखाया सर्जरी व एनाटॉमी का प्रेक्टिकल

मुजफ्फरनगर: ग्लोबल डेफनेस प्रिवेंशन एंड रिहैबिलिटेशन सोसाइटी और इंडियन जर्नल ऑफ ओटोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में तनेजा अस्पताल में 1 से 2 नवंबर, 2025 तक 30वीं टेम्पोरल बोन डिसेक्शन और लाइव सर्जरी कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। डॉ. विवेक तनेजा और डॉ. एम. के. तनेजा द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में डॉ. मनु मल्होत्रा (प्रोफेसर एंड हेड ऑफ डिपार्टमेंट एम्स ऋषिकेश), डॉ. गुरचंद (प्रोफेसर ईएनटी एमएमयू मुल्लाना) और डॉ. तारिणी तनेजा (गायनोकोलॉजिस्ट एण्ड आईवीएफ स्पेशलिस्ट) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यशाला में लाइव सर्जरी व एनाटॉमी का प्रेक्टिकल भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रख्यात विशेषज्ञ जिनमें डा. पवन सिंघल, डा. धर्मेन्द्र कुमार, डा. मनु मल्हात्रा, डा. पियुष त्रिपाठी, डा. अभिनव श्रीवास्तव, डा. अमाच मोडी, डा. मंगल सिंह, डा. एससी श्रीवास्तव ने अपने-अपने विषयों पर गहन प्रकाश डाला, जिससे उपस्थित चिकित्सकों को अपने ज्ञान को अद्यतन करने और कौशल को निखारने का अनुपम अवसर मिला। इस अवसर पर डा. एमके तनेजा द्वारा लाइव सर्जरी करके दिखाया गया, जबकि डा. पवन सिंघल ने अपना व्याख्यान दिया। डा. विवेक तनेजा ने एनाटॉमी का प्रेक्टिल करके दिखाया। रीजनरेटिव थैरेपी, प्लेटलेट रिच प्लाज्मा और बोन मैरो एसपीरेट से बहरापन निवारण तथा आपरेशन शत प्रतिशत सफल होना सम्भव हो गया है।
बता दें कि कार्यशाला के आयोजक डॉ. एम. के. तनेजा, ईएनटी (कान, नाक, गला) चिकित्सा के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम हैं। उनके योगदान और दूरदर्शिता ने इस क्षेत्र में कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं। डॉ. एम. के. तनेजा ने उस समय जर्मनी से माइक्रोस्कोपिक सर्जरी का प्रशिक्षण प्राप्त किया था, जब यह तकनीक भारत में अत्यंत दुर्लभ थी। उनका यह कदम भारतीय ईएनटी चिकित्सा के लिए एक क्रांतिकारी पहल साबित हुआ।
बता दें कि डॉ. एम. के. तनेजा का जीवन का सपना था कि कोई भी व्यक्ति बहरेपन का शिकार न हो। इसी ध्येय के साथ उन्होंने चिकित्सा के साथ-साथ योग के क्षेत्र में भी अद्वितीय कार्य किया है। उन्होंने भ्रामरी प्राणायाम योग में पीएचडी कर बहरेपन के निवारण में एक नया आयाम जोड़ा है। डॉ. एम. के. तनेजा की सबसे प्रशंसनीय विशेषता यह है कि वे अपने ज्ञान को स्वयं तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे दूसरों के साथ बांटने में विश्वास रखते हैं। इसी भावना के साथ वे प्रत्येक वर्ष टेम्पोरल बोन डिसेक्शन और ईएनटी सर्जरी कार्यशाला का आयोजन करते हैं, जिसमें वे ईएनटी चिकित्सकों के साथ अपने दशकों के अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करते हैं। यह कार्यशाला युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है और उन्हें नवीनतम सर्जिकल तकनीकों से परिचित कराती है।
इसके अतिरिक्त, डॉ. एम. के. तनेजा ‘इंडियन जर्नल ऑफ ओटोलॉजी’ का भी प्रकाशन करते हैं, जो ईएनटी चिकित्सकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ और अनुसंधान पत्रिका है। यह जर्नल नवीनतम शोधों, केस स्टडीज और चिकित्सा जगत की महत्वपूर्ण जानकारियों को प्रकाशित कर ईएनटी समुदाय को निरंतर राह दिखा रहा है। पुरस्कार हेतु मुख्य अतिथि श्री गौरव स्वरूप जी ने डॉ० गुरूचन्द सिंह, डॉ. मोनालिशा, डॉ. जसमीन, डॉ. के सहरूदाई, डा. हर्षित, डा. महिमा, डॉ. रितिका, को सम्मानित किया।