सोनार समाज के अग्रज महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा लगाने की मांग तेज
सोनार समाज ने दी 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

मुजफ्फरनगर : सोनार समाज के लोगों ने महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी आवाज बुलंद की है। समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों ने कहा कि महाराजा अजमीढ़ जी समाज के गौरव एवं प्रेरणास्रोत हैं, इसलिए उनकी प्रतिमा सार्वजनिक स्थल पर स्थापित की जानी चाहिए।
मुजफ्फरनगर – श्री मेढ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति के तत्वाधान में समिति के अध्यक्ष पवन वर्मा सर्राफ के घर एक मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें सोनार समाज के सैकड़ो लोगों ने भाग लिया मीटिंग की अध्यक्षता भगत सिंह रोड स्थित अलकनंदा ज्वेलर्स के स्वामी सुनील वर्मा जी द्वारा की गई वहीं मीटिंग का संचालन समिति के कोषाध्यक्ष सतीश वर्मा जी द्वारा किया गया मीटिंग का मुख्य उद्देश्य सोनार समाज को एकजुट होकर सरकार के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से अपनी जायज मांगे पूरी कराई जाने पर बोल दिया गया, मीटिंग में मुख्य रूप से सोनार समाज के अग्रज अजमीढ़ जी महाराज की प्रतिमा वह स्मारक की मांग को जनप्रतिनिधियों द्वारा नजर अंदाज किए जाने पर चर्चा की गई l समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम न तो जनप्रतिनिधियों द्वारा ही उठाए गए और न हीं सरकार द्वारा सोनार समाज की मांगों को ध्यान में रखा गया जबकि जनपद मुजफ्फरनगर में अनेक चौराहा पर महापुरुषों की मूर्ति स्थापना एवं महापुरुषों के नाम से मार्गो को सुसजित किया गया है ।
सोनार समाज के अध्यक्ष पवन वर्मा ने अपने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया और महाराजा अजमीढ़ जी की प्रतिमा स्थापित नहीं की गई, तो सोनार समाज आगामी वर्ष 2027 के चुनावों का बहिष्कार करने पर विचार करेगा।
बैठक में उपस्थित लोगों ने सोनार समाज के प्रधान पवन वर्मा की बात का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल प्रतिमा लगाने का विषय नहीं है, बल्कि समाज के सम्मान और पहचान से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द प्रतिमा स्थापना के लिए स्थान चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही शुरू की जाए।
समाज के लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
सोनार समाज समिति के महासचिव सुनील वर्मा ने बताया कि कुछ माह पहले नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर द्वारा बोर्ड की बैठक में महाराजा अजमीढ़ जी महाराज की मूर्ति स्थापना हेतु शामली रोड पर खाली पड़े स्थान को एक प्रस्ताव के माध्यम स्वीकृति प्रदान की गई थी, नगर पालिका परिषद की विभागीय प्रक्रिया के तहत यह प्रस्ताव सहारनपुर कमिश्नरी से भी स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसके चलते सोनार समाज के सैकड़ो लोग नगर विधायक एवं राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल से मिले और नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर में पास हुए प्रस्ताव की शान द्वारा स्वीकृत प्रदान कराए जाने को लेकर मांग उठाई गई काफी समय से लंबित पड़े इस मामले को कहीं ना कहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा सोनार समाज की उचित मांगों को दरकिनार किया जा रहा है यदि इस बार सोनार समाज की समान को से सम्मान पूरा नहीं किया गया तो आगामी 2027 में उत्तर प्रदेश का समस्त सोनार समाज चुनाव का बहिष्कार करेगा और साथ ही आगामी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में समस्त उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव में अपनी भागीदारी दर्ज कराएगा
सोनार समाज के इस ऐलान के बाद क्षेत्र की राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है कि इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।
श्री मैढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति की इस बैठक में मुख्य रूप से समन्वय समिति के उपाध्यक्ष शिवकुमार वर्मा, समिति के प्रवक्ता महेश वर्मा, प्रवीण वर्मा, रामकुमार वर्मा, नरेश कुमार वर्मा, रोहताश वर्मा, हिमांशु वर्मा, हीरालाल वर्मा, प्रवीण कुमार, सुनील कुमार वर्मा, सचिन वर्मा, कोकील वर्मा, त्रष कुमार मास्टर जी, सुरेश चंद्र वर्मा, नरेंद्र वर्मा एडवोकेट, संजय वर्मा सर्राफ कटरा मोचियांन, शिवम वर्मा, भोला सर्राफ, रवींद्र वर्मा बिरालसी वाले, योगेश वर्मा, सुशील वर्मा शामली वाले, मास्टर अनिल कुमार, सुनील कुमार, रूपचंद वर्मा, गौरव वर्मा, आशु वर्मा, राहुल वर्मा, शुभम वर्मा, बृजमोहन वर्मा तहसील वाले, विजय वर्मा, मनोज वर्मा, शशांक वर्मा, संजीव वर्मा के अलावा अन्य बहुत से लोग उपस्थित रहे