जयंत चौधरी का अखिलेश यादव पर पलटवार, बोले- चौधरी चरण सिंह का सम्मान सीटों की संख्या से तय नहीं होता
RLD प्रमुख ने कहा- यूपी की सभी 403 सीटों पर NDA और उसके सहयोगी दल मिलकर लड़ेंगे चुनाव, विकास की गति रोकना हमारा मकसद नहीं
नई दिल्ली: राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर NDA और उसके सभी सहयोगी दल एकजुट होकर चुनाव अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी दलों का साझा उद्देश्य प्रदेश में विकास की गति को बनाए रखना है।
जयंत चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड में भी विधानसभा चुनाव होने हैं और RLD वहां भी चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव किस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर लड़ा जाएगा, यह समय के साथ तय होगा, क्योंकि राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह समय के साथ बदलते रहे हैं।
सपा के साथ गठबंधन को लेकर भी बोले जयंत
समाजवादी पार्टी के साथ पुराने गठबंधन का जिक्र करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि गठबंधन के दौरान बंद दरवाजों के पीछे जो कुछ हुआ, उसकी सभी बातें सार्वजनिक नहीं की गईं। उन्होंने कहा कि अपनी गरिमा और संयम के कारण उन्होंने उन बातों को सामने नहीं रखा।
जयंत चौधरी ने कहा कि यदि वह उन सभी घटनाओं और बातों का खुलासा कर दें, तो उत्तर प्रदेश में उनके लिए खड़े होने की कोई जमीन नहीं बचेगी।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए RLD अध्यक्ष ने कहा कि आज जिस तरह से सम्मान को सीटों की संख्या से जोड़कर देखा जा रहा है, वह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह का सम्मान विधानसभा की सीटों की संख्या से न तो मापा जा सकता है और न ही तय किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह का सम्मान लोगों के दिलों में है और हमेशा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राष्ट्रीय लोक दल को एक भी विधानसभा सीट नहीं मिलती, तब भी चौधरी चरण सिंह का सम्मान और गौरव कभी कम नहीं होगा।
NDA के साथ एकजुट होकर चुनाव लड़ने का दावा
जयंत चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर NDA और उसके घटक दल एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य राजनीतिक विवादों से ज्यादा प्रदेश के विकास की गति को बनाए रखना है।
उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति में RLD की रणनीति और NDA के साथ उसके तालमेल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।