धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स की मंसूरपुर यूनिट में पेराई सत्र 2026-27 का शुभारंभ, विधि-विधान से हुआ हवन-पूजन

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स की मंसूरपुर यूनिट में पेराई सत्र 2026-27 का शुभारंभ, विधि-विधान से हुआ हवन-पूजन

प्रथम बुग्गी और ट्रॉली लेकर पहुंचे किसानों को अंगवस्त्र, मिठाई और इनाम देकर किया सम्मानित

मुजफ्फरनगर / मंसूरपुर : धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स लिमिटेड की मंसूरपुर यूनिट में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को गन्ना पेराई सत्र 2026-27 का शुभारंभ विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर मिल परिसर में हवन-पूजन का आयोजन हुआ। हवन में आहुतियां देने के बाद केन कैरियर में नारियल फोड़कर एवं गन्ना डालकर नए पेराई सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया।
हवन-पूजन का कार्य पंडित अखिलेश तिवारी ने मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया। पूजन के मुख्य यजमान शुगर मिल के उपाध्यक्ष सुधीर कुमार एवं गन्ना महाप्रबंधक उत्तम वर्मा रहे। इस अवसर पर गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन अरुण बालियान, बोर्ड डायरेक्टर एवं तितावी समिति के चेयरमैन भोला शंकर सहित क्षेत्र के किसान भाइयों ने हवन-पूजन में भाग लिया और नए पेराई सत्र के सफल संचालन की कामना की।
इस अवसर पर मिल प्रबंधन की ओर से पेराई सत्र में सबसे पहले गन्ने की बुग्गी और ट्रॉली लेकर पहुंचने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
धामपुर शुगर यूनिट मंसूरपुर के यूनिट हेड सुधीर कुमार ने बताया कि आज हवन पूजन के उपरांत सभी किसान भाइयों की उपस्थिति में गन्ना पेराई सत्र 2026- 27 उद्घाटन किया गया है। हालांकि यह 2 नवंबर को प्रस्तावित था मगर बारिश होने के कारण इसे पोस्टपोन कर आज 6 नवंबर को किया गया है। आज 2:00 बजे से ही क्रशिंग स्टार्ट कर देंगे गेट पर जो तोल है वह शुरू हो जाएगी और हमारा प्रयास रहेगा गन्ना सैंटरो की टोल 4 नवंबर से शुरू हो चुकी है । किसी किसान को कोई परेशानी ना आए पर्ची समय से उपलब्ध कराएंगे पेमेंट की हमारी जिम्मेदारी है कि हम 14 दिन में पेमेंट करते हैं जैसा कि पिछले सालों में भी होता रहा है 14 दिन में हम किसानों के गन्ने का पेमेंट करते रहे यह हमारे ऊपर से मैनेजमेंट और एचडी का भी आदेश है और इसको हम करते भी हैं। उन्होंने बताया कि अगर समय से फैक्ट्री चल जाती है तो किसानों का खेत भी समय से खाली हो जाता है और वह दूसरी फसल भी उसमें उगा सकते हैं सरसों या गेहूं अगर फैक्ट्री लेट चलती है तो उसमें एक ही फसल हो पाती है। इसलिए समय से फैक्ट्री का चलन बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों की अतिरिक्त कोई आमदनी नहीं होती और केवल गन्ना ही ऐसी फसल है जो किसान की आय का स्रोत है और समय से उसका पेमेंट होना बहुत जरूरी है। पिछले साल गन्ने का जो रखवा था वह है इस साल भी उतना ही है लेकिन पिछले साल गन्ने में वजन कम निकला था जो इस साल ठीक दिख रहा है किसान भाइयों से हमारी बात हो रही है बता रहे हैं किसान बार गन्ना ठीक खड़ा है और इस बार हमारी मिल को एक करोड़ 35 लाख कुंतल गन्ना सीजन में उपलब्ध हो जाएगा जो कि पिछले साल एक करोड़ 22 लाख कुंतल था
प्रथम बुग्गी लाने वाले सचिन कुमार पुत्र चरण सिंह एवं हरेंद्र पुत्र अजीत, निवासी ग्राम दूहाहेड़ी तथा प्रथम ट्रॉली लाने वाले मनोज त्यागी पुत्र धर्मपाल, निवासी ग्राम पुरा और माया पुत्र शौराज, निवासी ग्राम धारसीपुरा को अंगवस्त्र, मिठाई एवं इनाम देकर सम्मानित किया गया।
वहीं किसानों ने भी शुगर मिल का संचालन होने से खुशियां मनाएं किसान बेहद खुश नजर आ रहे हैं लेकिन किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल के लागत के हिसाब से गन्ने का रेट बहुत कम है और यह काम से कम 600 से ₹700 प्रति क्विंटल होना चाहिए

 

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