लिव इन रिलेशनशिप कानून के विरोध में सड़कों पर उतरी महिलाएं, महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सोपा

लिव इन रिलेशनशिप कानून के विरोध में सड़कों पर उतरी महिलाएं

महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सोपा

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को क्रांतिसेना व शिवसेना की जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा पूनम चौधरी के नेतृत्व मे भारी संख्या में महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया महिलाओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर देश के प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए । ज्ञापन के माध्यम से बताया कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर लिव इन रिलेशनशिप नामक कानून का गठन हुआ है इससे समाज में छोटे छोटे बच्चों पर बहुत ही गलत असर पड़ रहा है आज कल लड़के और लड़कियां बिना शादी करें एक साथ पढाई के नाम पर लिव इन रिलेशनशिप में रहते है जो बिल्कुल गलत है

उन पर गलत असर पड़ रहा है और बहुत सारे घर टूट रहें है समाज में भी बहुत ही गन्दी नजर से उनको देखा जा रहा है यह एक बहुत ही घिनौना और गन्दा कार्य है आचार्य अनिरूद्धचार्य प्रेमानन्द जी महाराज जो अपनी कथा में बताते है बह बिल्कुल सही बताते है कि अपने बच्चों को माँ बाप को सही शिक्षा देनी चाहिए और बच्चों को लिव इन रिलेशनशिप की इजाजत नहीं देनी चाहिए तभी से समाज में घरों के टूटने और अन्य अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है इस कानून से मिली आजादी के कारण अनेक पढ़ने और नौकरी आदि करने वाले कम उम्र के युवक युवती बिना विवाह के किये ही इच्छा अनुसार विवाहित जिदंगी जीते है और जब इच्छा हुई तब एक दूसरे से अलग हो जाते है मिलने और अलग होनें वाली यही घटनाऐ अपराधिक घटनाओं को जन्म देती है अलग होने वाले युवक युवती एक दूसरे के जान के प्यासे हो जाते है।


इसी प्रकार अभिव्यक्ति को आजादी देने वाले इस कानून के कारण विवाहित जोड़ो में भी खटास और दुश्मनिया बढ़ रही है, पिछले 5-6 सालो से विवाहित महिलाओं और पुरूषो में एक दूसरे को मार डालने की घटनाओं में तेजी आई क्योंकि इस कानून से मिली आजादी के कारण अनेक महिलाए अपने शादीशुदा जीवनसाथी को छोड़कर किसी भी पुरूष के साथ खुले आम रहने लगी है जिसके कारण समाज में सम्मान और इज्जत की खातिर अपराधी घटनाए होती है। यह कानून विशेष रूप से हिन्दू समुदाय के पारिवारिक रिश्तो को तार तार करने वाला कानून है इसी कानून के कारण युवक युवती को विवाहित जोड़ो के बीच बढ़ रही कत्ल की घटनाओं के लिए यही लिव इन रिलेशनशिप कानून जिम्मेंदार है यदि यह कानून अभी और अधिक समय तक जारी रहा या इसे समाप्त नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब युवक और युवती पति और पत्नी एक दूसरे को भी शक की नजरों से देखेगें, हम आचार्य अनुराधाआचार्य के विचारों का समर्थन करते है।
इसीलिए प्रधानमंत्री से हमारा निवेदन है कि इस कानून को तुरंत ही बन्द कराया जाये ।

 

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