मुज़फ्फरनगर में भव्यता के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस – 2025

बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ, पोषण एवं अधिकारों पर दें ध्यान, यें हैं हमारा अभिमान

श्रीमती मिनाक्षी स्वरूप अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, मुज़फ्फरनगर द्वारा बालिकाओं को दी गई शुभकामनाएं

भारत स्काउट और गाइड , उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा बालिकाओं को भेंट किये गए उपहार।

2025 की थीम
मैं लड़की हूं, मैं बदलाव का नेतृत्व करती हूं। संकट की अग्रिम पंक्ति में लड़कियां।

मुज़फ्फरनगर में भव्यता के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस।


मुजफ्फरनगर 11 अक्टूबर 2025 को
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला अधिकारी महोदय श्री उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी महोदय श्री कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील तेवतिया के मार्गदर्शन में डॉ राजीव कुमार सदस्य – पी सी पी एन डी टी जिला सलाहकार समिति द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सनातन धर्म इंटर कॉलेज मुज़फ्फरनगर में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को पगड़ी एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया
तथा
ड़ी एस पब्लिक स्कूल, मुज़फ्फरनगर में क्विज कॉम्पिटिशन में सफल बालिकाओं को डॉ राजीव कुमार, भारत भूषण ,रेणु गर्ग, अमित सैनी,अनुज कुमार द्वारा उपहार भेंटकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 11 अक्टूबर 2012 को पहली बार मनाया गया।
प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को पूरी दुनियां में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस दुनिया भर में लड़कियों द्वारा उनके लिंग के आधार पर सामना की जाने वाली लैंगिक असमानता के बारे में जागरूकता बढ़ाता है। इस असमानता में शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार, चिकित्सा देखभाल और भेदभाव से सुरक्षा व बालिकाओं के खिलाफ हिंसा और जबरन बाल विवाह जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस 2025 की थीम है मैं लड़की हूं, मैं बदलाव का नेतृत्व करती हूं।
संकट की अग्रिम पंक्ति में लड़कियां।
यह थीम संकट की परिस्थितियों में लड़कियों की दृढ़ता, नेतृत्व और सशक्त भूमिका पर केंद्रित है। यह थीम उन चुनौतियों पर प्रकाश डालती है जिनका सामना बालिकाएं करती हैं, जैसे संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और असमानताएं।
यह थीम बालिकाओं को केवल संकट के शिकार के रूप में नहीं बल्कि परिवर्तन के वाहक के रूप में पहचानने पर जोर देती है।
यह थीम शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में निवेश का आह्वान करती है ताकि वे बेहतर और समावेशी दुनिया का निर्माण कर सकें।
आज हर क्षेत्र में बालिकाओं के आगे बढने के बावजूद भी वह अनेको कुरीतियों की शिकार हैं।
ये कुरीतियों उनके आगे बढने में बाधाएं उत्पन्न करती है।

शिक्षित बालिका सब बाधाओं को पार कर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।
उक्त कार्यक्रम में अमित सैनी, भारत भूषण अरोरा, रेणु गर्ग, अनुज कुमार , प्रमोद कुमार प्रधानाचार्य, गया प्रसाद प्रजापति, अरविंद कुमार , रीना यादव, रचना रावत, दीपा सोनी व अन्य प्रवक्ताओं तथा मोनिका रानी प्रधनाचार्य का सहयोग रहा तथा
डी एस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक, प्रधनाचार्य गगन शर्मा व कोऑर्डिनेटर संदीप दीक्षित को भारत स्काउट और गाइड, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित कर आभार व्यक्त किया गया।

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