पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित 8 लोगों को कोर्ट से राहत , सबूतों के अभाव में पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित सभी आरोपी दोष मुक्त

पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित 8 लोगों को कोर्ट से राहत

सबूतों के अभाव में पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित सभी आरोपी दोष मुक्त

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में थाना मंसूरपुर क्षेत्र के गांव खुब्बापुर में वर्ष 2012 में हुई बीजेपी बूथ अध्यक्ष राहुल शर्मा की दिनदहाड़े हत्या के बाद तनाव पूर्ण हालात पैदा करने और घटना के तीसरे दिन जब मृतक राहुल की अस्थियां एकत्र करने के दौरान गांव में पहुंचे पूर्व विधायक उमेश मलिक सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को देखकर विपक्षी पार्टी के द्वारा पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था जिसमें तीन नाम ऐसे पाए गए थे जो उसे नाम के व्यक्ति उसे गांव में थे ही नहीं जांच के दौरान तीन नाम फर्जी पाए गए थे इस बीच विनोद नाम के एक व्यक्ति की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी थी इस मामले में आठ अभियुक्तों के विरुद्ध विचारण चला। लंबी सुनवाई के बाद शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट देवेंद्र फौजदार ने पूरे मामले में किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य न मिलने पर सभी को दोषमुक्त कर दिया। अदालत में अधिवक्ता श्यामवीर सिंह बालियान, बृजेन्द्र मलिक और सौरभ कुमार ने अभियुक्त पक्ष की पैरवी की। शुक्रवार को फैसले के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चल रही कानूनी बहस पर भी अब विराम लग गया।
एडवोकेट श्यामवीर बालियान ने बताया कि यह 27 9 2012 की घटना थी राहुल शर्मा नाम के भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी जिस दिन राहुल शर्मा की अस्थियां एकत्र की जा रही थी उसी दिन पूर्व विधायक उमेश मलिक भी गांव में पहुंच गए थे सपा की सरकार के दौरान दबाव बनाने के लिए विपक्षी गण द्वारा एक मुकदमा पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित 12 लोगों के खिलाफ लिख दिया था उसे समय पब्लिक में भारी रोष था क्योंकि राहुल शर्मा की हत्या वर्ग विशेष के लोगों द्वारा की गई थी उसके विरोध में ही यह लोग वहां गए थे और उसी के चलते दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ एक मुकदमा लिखा गया था या मुकदमा 2012 से अब तक त13 वर्ष हो गए संघर्ष करते हुए। पूर्व विधायक उमेश मलिक पर इसके अलावा भी 2013 दंगे में भी मुकदमे लगे अल नूर कांड में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था और अभी भी तीन मुकदमे कोर्ट में चल रहे हैं और कोर्ट से न्याय भी मिल रहा है क्योंकि झूठे मुकदमे उससे मैं दर्ज कराए गए थे जो व्यक्ति उसे सरकार के विरोध में चलता था उसी पर मुकदमा दर्ज किया जाता था इस मुकदमे में कोर्ट ने निर्णय लिया और हम दोषमुक्त हुए इस मामले में पूर्व विधायक उमेश मलिक सहित 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी जिसमें तीन लोग ऐसे थे कि उसे नाम का कोई व्यक्ति ही नहीं था एक विनोद नाम के व्यक्ति की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी आज आठ लोगों को कोर्ट ने दोष मुक्तकिया है
पूर्व विधायक उमेश मलिक ने दोष मुक्त होने के बाद कहा कि 2012 का मामला था भाजपा के कार्यकर्ता राहुल शर्मा की हत्या कर दी गई थी मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव खूबापुर का मामला था और अगले दिन जब फूल चुगवाने मैं वहां गया तो इस वर्ग विशेष समाज के लोगों ने हमारे ऊपर एक फर्जी मुकदमा लिख दिया था जो 2012 से लगातार अब 2025 तक लगातार चल एडवोकेट श्यामवीर बालियान और विजेंद्र मलिक ने मुकदमा लगातार जब से ही लड़ते आ रहे हैं आज उसमें हम बरी हुए हैं इंसाफ मिला है न्याय मिला है और जिस प्रकार से उसे समय सपा की सरकार में 2012 में यह मुकदमा लगा और उसके बाद 2013 में अगस्त माह में शोरम वाला मुकदमा लगा वह हुआ यह दो-तीन मुकदमे सपा की सरकार में सरकार की खराब मानसिकता होने के कारण हम लोगों के ऊपर मुकदमे लगाए गए थे दो मुकदमों में हम बरी हुए हैं एक मुकदमा बीवी चल रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *